उत्तर भारत मौसम का मिला जुला असर दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने अगले 28 घंटे के दौरान बादलों की आवाजाही रहेगी और तेज हवाओं के साथ बारिश होगी। खासकर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों पर आंधी-बारिश की संभावना है। हालांकि, कई जिलों में मौसम शुष्क रहने से गर्मी और उमस का असर दिखाई देगा। आईएमडी ने पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले स्थानों पर बारिश का अलर्ट जारी है और जून के आखिरी दिनों में मॉनसून के पहुंचने के भी आसार हैं। स्काईमेट की मानें तो 21 जून को दक्षिण भारत के अधिकांश राज्यों में मॉनसूनी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। वहीं, पूर्वोत्तर भारत में भी दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के कारण मौसमी गतिविधियां जारी रहने का पूर्वानुमान है। उधर, गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों पर बादल बरस सकते हैं।
कल का मौसम
यूपी का मौसम कैसा है
उत्तर प्रदेश के गर्मी और बारिश का मिला जुला असर दिखाई दे रहा है। खासकर, बुंदेलखंड के हिस्सों पर अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। लेकिन पश्चिमी हिस्सों पर बादलों की आवाजाही का दौर जारी है। आईएमडी के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और बादलों की गतिविधियां बढ़ रही हैं। हालांकि, हल्की बारिश और गरज-चमक की घटनाओं से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज होने का अनुमान है। इससे लोगों को तपती गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि दोपहर के समय उमस का असर पूरी तरह खत्म नहीं होगा। वेस्ट यूपी में 21 से 26 जून तक बारिश होने का अनुमान है।
दिल्ली-एनसीआर में कल का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज ऊपर-नीचे हो रहा है। कभी बादल तो ज्यादातर समय धूप से गर्मी का असर तेज है। दिन में हल्की गर्म हवाओं से एक बार फिर लू जैसा एहसास हो रहा है। मौसम विभाग की मानें तो न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। रविवार तक आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने सकती हैं। अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है। बारिश की गतिविधियां थमने से प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी रिकॉर्ड की जा रही है। सीपीसीबी के मुताबिक, एक्यूआई 150 को पार कर गया है, जो मध्यम श्रेणी में आता है।
केरल-कर्नाटक में बारिश के आसार
मौसम विभाग ने दक्षिण भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के सक्रिय रहने के कारण मौसमी गतिविधियां जारी रहने का पूर्वानुमान जारी रखा है। इस सप्ताह इसमें और तेजी आने की संभावना है। खासकर, तमिलनाडु, पुदुचेरी, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ कहीं मध्यम तो भारी बारिश का अलर्ट है। इस दौरान समुद्र तटीय भागों पर लोगों को सावधान रहने के लिए कहा गया है। आईएमडी ने पश्चिमी घाट के साथ महाराष्ट्र और गुजरात के कई जिलों में आंधी-बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है, जिससे लू और गर्मी से मामूली राहत मिल सकती है। हालांकि, अल नीनो (El Niño) के कारण मॉनसून का असर धीमा रह सकता है।
तमिलनाडु का मौसम
तमिलनाडु के पांच जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। अगले एक सप्ताह तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कई हिस्सों में मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, एक वायुमंडलीय द्रोणी (ट्रफ) पूर्व विदर्भ से तमिलनाडु तक फैली हुई है, जो तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से होकर गुजर रही है। यह मौसम प्रणाली वर्षा गतिविधियों को बढ़ाने की संभावना रखती है। आरएमसी ने नीलगिरि, इरोड, सलेम, धर्मपुरी और कृष्णागिरि जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, पश्चिमी घाट के जिलों, कावेरी डेल्टा क्षेत्र में तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने जलभराव और भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
