Kal Ka Mausamm (कल का मौसम कैसा रहेगा) : गर्मी अपने चरम स्तर की ओर बढ़ रही है। मार्च के आखिरी तक उत्तर भारत में सूरज कहर बरपाता नजर आएगा। हालांकि, अभी पश्चिमी विक्षोभ की आवाजाही से तापमान सामान्य के आसपास है। दक्षिण भारत और पश्चिम भारत के अधिकतर राज्यों में पिछले एक सप्ताह से लू का अलर्ट जारी है। स्काईमेट के मुताबिक, पूर्वी भागों में 19 मार्च बुधवार से प्री मॉनसून के एक्टिव होने के संकेत हैं, जिससे छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गंगेय पश्चिम बंगाल और कुछ महाराष्ट्र के हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। लेकिन, 20 मार्च के बाद गर्मी रिकॉर्ड स्तर की ओर अग्रसर होगी। फिलहाल, दिल्ली में भीषण गर्मी की आहट मिल रही है। लेकिन, यूपी, हरियाणा, पंजाब, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश में भी गर्मी परेशानी का सबब बनने वाली है। लेकिन, 21 और 22 मार्च को यूपी में बूंदाबांदी का पूर्वानुमान है। उधर, पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में वेस्टर्न डिसटरबेंस का असर दिखेगा। इस दौरान बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बूंदाबांदी और बर्फबारी हो सकती है।
कल का मौसम
दिल्ली में कल कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली में बुधवार को न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.3 डिग्री सेल्सियस कम है। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। आईएमडी ने दिन के दौरान तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे आर्द्रता का स्तर 71 प्रतिशत रहा। अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। स्काईमेट के मुताबिक, 20 और 21 मार्च को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सुबह हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। यह बारिश बहुत ही कम समय के लिए होगी। इस स्थिति को 'टच एंड गो' वाली बारिश कह सकते हैं। इसके बाद थोड़ा सा तापमान गिरेगा, लेकिन अगले सप्ताह से प्रचंड गर्मी का अलर्ट है।
दिल्ली में धीरे-धीरे प्रदूषण का स्तर कम हो रहा है। एक्यूआई 151 के आसपास दर्ज किया जा रहा है, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, एक्यूआई को शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51-100 को ‘संतोषजनक’, 101-200 को ‘मध्यम’, 201-300 को ‘खराब’, 301-400 को ‘बहुत खराब’ और 401-500 को ‘गंभीर’ माना जाता है।
मुंबई में कितनी गर्मी?
मुंबई में दिन का तापमान समुद्री हवाओं के कारण नियंत्रित रहेगा। समुद्री हवाओं का वेग दोपहर करीब 1 बजे के आसपास आता है, लिहाजा टेंपरेचर डाउन होने लगता है। फिलहाल, अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। हालांकि, अभी मौसम संबंधी गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे प्रचंड गर्मी पड़ सकती है। स्काईमेट के मुताबिक, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में एक चक्रवाती परिसंचरण बनेगा, जिससे आंधी बारिश दस्तक दे सकती है। 23 मार्च से अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की संभावना है।
राजस्थान में मौसम कैसा है?
राजस्थान में ऊपरी हिस्से में एक चक्रवाती परिसंचरण आने का पूर्वानुमान है, जिसके कारण 20 और 21 मार्च को राजस्थान के कुछ भागों के साथ दिल्ली-एनसीआर में हल्की वर्षा हो सकती है। स्काईमेट ने बताया कि अगले सप्ताह तक राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को टच कर लेगा।
उत्तर प्रदेश में कल का मौसम
उत्तर प्रदेश में मौसम उतार-चढ़ाव से गुजर रहा है। होली के आसपास हल्की बारिश के साथ कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि हुई। लेकिन, अब एक बार फिर पूर्वांचल के हिस्सों में बारिश का अलर्ट है। इस दौरान चमक गरज के साथ कहीं बूंदाबांदी तो कहीं मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। कमोबेश यही हाल बिहार के होंगे। बिहार में गरज चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना बन रही है।
जम्मू-कश्मीर का मौसम
जम्मू-कश्मीर में अब ठंड का दौर खत्म होने वाला है। धीर-धीरे मौसम खुशगवार हो रहा है। दिन में अच्छी धूप देखने को मिल रही है। हालांकि, अगले 36 घंटों के दौरान ऊपरी हिस्सों में बर्फबारी का अलर्ट है। इस दौरान बारिश भी दस्तक दे सकती है। 26 मार्त तक घाटी में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन 27 मार्च से मौसम का मिजाज बदल सकता है। बहरहाल, पललगाम, गुलमर्ग और श्रीनगर में तापमान माइनस डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है।
हरियाणा में कल कैसा रहेगा मौसम?
हरियाणा में 20 मार्च से बारिश होने का पूर्वानुमान है। आईएमडी ने बताया कि गुरुवार को हिसार, भिवानी, चरखी, दादरी, रेवाड़ी, फतेहाबाद, सिरसा के अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। बांकी जिलों में बादलों की आवाजाही हो सकती है, लेकिन बारिश की गुंजाइश नहीं है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| कश्मीर | -1 डिग्री सेल्सियस | 10 डिग्री सेल्सियस |
| शिमला | 6 डिग्री सेल्सियस | 19 डिग्री सेल्सियस |
| हरिद्वार | 15 डिग्री सेल्सियस | 30 डिग्री सेल्सियस |
| भोपाल | 21 डिग्री सेल्सियस | 34 डिग्री सेल्सियस |
| दिल्ली | 17 डिग्री सेल्सियस | 32 डिग्री सेल्सियस |
| पटना | 21 डिग्री सेल्सियस | 32 डिग्री सेल्सियस |
| मुंबई | 26 डिग्री सेल्सियस | 33 डिग्री सेल्सियस |
| चेन्नई | 28 डिग्री सेल्सियस | 32 डिग्री सेल्सियस |
| हैदराबाद | 22 डिग्री सेल्सियस | 38 डिग्री सेल्सियस |
| जयपुर | 20 डिग्री सेल्सियस | 32 डिग्री सेल्सियस |
| चंडीगढ़ | 16 डिग्री सेल्सियस | 30 डिग्री सेल्सियस |
सनबर्न क्या होता है
गर्मियों के मौसम में सनबर्न का अलर्ट रहता है। सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक होती है। चिकित्सा की भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के ज्यादा संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द होने लगता है। कुल मिलाकर स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क हो जाता है।
हीटवेव का अलर्ट जारी
देश भर में मौसम के मिजाज में नाटकीय रूप से उतार-चढ़ाव को देखते हुए हीटवेव अलर्ट जारी किया है। जहां कुछ इलाकों में बारिश हो रही है, वहीं कुछ इलाकों में अत्यधिक गर्मी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे दिल्ली-एनसीआर को अस्थायी राहत मिल रही है। आईएमडी ने मार्च से मई तक सामान्य से अधिक तापमान का अनुमान लगाया है, जिससे आने वाले महीनों के बारे में चिंताएं बढ़ गई हैं। खासकर, महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत के राज्य विशेष रूप से प्रभावित होंगे। आईएमडी इन बदलावों के लिए जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार माना है। ऐसे में लोगों को भीषण गर्मी के लिए तैयार रहने की जरूरत है।
हीटवेव क्या है?
भीषण गर्मियों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया जाता है। हीटवेट तब होती है जब किसी खास जगह पर तीन दिन तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान असामान्य रूप से गर्म होता है। इसे उस क्षेत्र की स्थानीय जलवायु और पिछले मौसम के संबंध में माना जाता है। इस दौरान तापमान सामान्य औसत से अधिक पहुंच जाता है तो उसे हीटवेव कहा जाता है। खासकर, मार्च से जून के दौरान और कुछ दुर्लभ मामलों में जुलाई के महीने में ये स्थिति बनती है। हीटेवव के दौरान लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। आमतौर पर शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होने पर पानी की कमी बुखार, उल्टी, दस्त, थकान, कमजोरी इत्यादि लक्षण दिखाई देते हैं।
