Kal Ka Mausam: प्रचंड ठंड के साथ बारिश का अलर्ट! पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ेगा स्नोफॉल का अटैक, अगले 2–3 तक राहत नहीं

Kal Ka Mausam, 19 January 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा, Aaj Aur Kal ka Mausam kaisa Rahega: देश के अधिकांश हिस्सों में ठंड का असर जारी है, खासकर उत्तर भारत में न्यूनतम तापमान कम दर्ज किया गया है। अगले कुछ दिनों में मौसम में हल्की-फुल्की बारिश और बर्फबारी के साथ बदलाव देखने को मिल सकता है। उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में घना कोहरा बना रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है। इसके साथ ही, कई राज्यों में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।

Kal Ka Mausam (कल का मौसम कैसा रहेगा): उत्तर भारत समेत देश के कई हिस्सों में प्रचंड ठंड का प्रकोप बरकरार है। पिछले 24 घंटों के दौरान, हिमाचल प्रदेश के अधिकांश इलाकों में न्यूनतम तापमान 1 से 4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ भागों में, साथ ही उत्तर-पश्चिम पंजाब और उत्तराखंड के चुनिंदा स्थानों पर यह 5 से 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पंजाब के बाकी हिस्सों, हरियाणा के अधिकतर क्षेत्रों, चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तर प्रदेश, दक्षिण-पश्चिम बिहार, उत्तरी राजस्थान, उत्तरी मध्य प्रदेश, उत्तरी छत्तीसगढ़ तथा झारखंड के कई स्थानों में भी इसी श्रेणी का तापमान रहा। इसके अलावा आंतरिक ओडिशा, सिक्किम के कुछ भागों और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में भी न्यूनतम तापमान इसी स्तर पर रहा। तेलंगाना और रायलसीमा के कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस कम पाया गया।

Kal Ka Mausam 19 January 2026

कल का मौसम 19 जनवरी 2026

भारत के मैदानी क्षेत्रों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 1.7 डिग्री सेल्सियस अमृतसर (पंजाब) में दर्ज किया गया। मौसम प्रणालियों की बात करें तो, आगामी 48 घंटों के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, केरल एवं माहे, तटीय आंध्र प्रदेश एवं यनम, रायलसीमा तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश बंद होने के संकेत मिल रहे हैं। निचले क्षोभमंडल में कोमोरिन क्षेत्र के ऊपर एक ऊपरी स्तर का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय बना हुआ है। इसी तरह, समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों में भी एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर उत्तर-पूर्वी असम तथा उससे सटे क्षेत्रों में भी ऐसा ही एक चक्रवाती तंत्र देखा जा रहा है। इसके अलावा, समुद्र तल से लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 135 नॉट (समुद्री मील प्रति घंटा) की गति वाली उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम उत्तर-पूर्व भारत के ऊपर बनी हुई है। वहीं, 19 और 21 जनवरी 2026 की रात से उत्तर-पश्चिम भारत के क्रमशः दो पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव में आने की संभावना जताई गई है।

End of Feed