Kal Ka Mausam: आसमान से फिर बरसेगी आफत! अगले 5 दिन जमकर होगी बारिश, कई राज्यो में जारी हुआ अलर्ट

Kal Ka Mausam 18 August 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा: मानसून की सक्रियता ने एक बार फिर देश के कई राज्यों में मौसम का रुख बदल दिया है। बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब का असर कई क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है, जिसके चलते बारिश के साथ तेज हवाओं और गरज-चमक का दौर बढ़ सकता है। दिल्ली-एनसीआर, यूपी, बिहार और ओडिशा से लेकर पहाड़ी व पूर्वोत्तर राज्यों तक मौसम विभाग ने अलग-अलग स्तर की बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है।

Kal Ka Mausam 18 August 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है, जिससे दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है। पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश और पूर्वोत्तर में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं ओडिशा में बाढ़ और भारी बारिश के खतरे को देखते हुए कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। बात अगर वेदर सिस्टम की करें तो समुद्र तल पर मानसून की ट्रफ का पश्चिमी सिरा सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर और पूर्वी सिरा अपनी सामान्य स्थिति के आसपास बना हुआ है। कल उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तथा उससे सटे पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में बना निम्न दबाव का क्षेत्र और अधिक सक्रिय हुआ।

Kal Ka Mausam

कल का मौसम

दोपहर 2:30 बजे तक यह उसी क्षेत्र में स्पष्ट निम्न दबाव के रूप में मौजूद था। इसके बाद आज सुबह 5:30 बजे यह उसी क्षेत्र में डिप्रेशन (अवदाब) में बदल गया। इसके अगले 24 घंटों के दौरान पहले उत्तर-उत्तर-पश्चिम और फिर उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है। इस दौरान यह गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के क्षेत्रों से होकर गुजर सकता है। मध्य और इससे सटे उत्तर प्रायद्वीपीय भारत के निचले तथा ऊपरी क्षोभमंडलीय स्तरों में करीब 22° उत्तरी अक्षांश के साथ एक शीयर जोन (Shear Zone) सक्रिय है। इसके अलावा, उत्तर हरियाणा और आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। राजस्थान के मध्य भागों में भी निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। जम्मू संभाग और आसपास के क्षेत्रों में मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर बना ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण भी कायम है। इसके अक्ष के ऊपर लगभग 70° पूर्वी देशांतर और 30° उत्तरी अक्षांश के उत्तर में मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ट्रफ भी बनी हुई है। वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक अन्य ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इन सभी मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले समय में कई क्षेत्रों में बारिश और मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

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