उत्तर भारत में अगले 3 दिन तक गर्मी से राहत रहेगी क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बादलों की आवाजाही रहेगी। इस दौरान दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में 18 मार्च तक मेघ गर्जन, धूल भरी आंधी और वज्रपात की संभावनाओं के बीच हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है। इस दौरान न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट से गर्मी परेशान नहीं करेगी। आईएमडी ने 16 से 21 मार्च तक हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय हिस्सो पर रुक-रुककर बारिश और बारिश की संभावना है। हालांकि, मैदानी हिस्सों पर मौसम शुष्क रहने की बात कही गई है। स्काईमेट का अनुमान है कि अगले 3 दिन तक ओडिशा, असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मेघालय और पश्चिम बंगाल में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश हो सकती है, जो प्री मानसून के संकेत हैं। उधर, दक्षिण में तमिलनाडु समेत एक दो अन्य राज्यों में मौसमी गतिविधियां होने का अनुमान जताया गया है, जबकि महाराष्ट्र और गुजरात के कुछ हिस्से बादल छाए नजर आ सकते हैं। बहलहाल, अगले 5 दिन तक भीषण गर्मी और हीटवेव से राहत रहेगी।
कल का मौसम
यूपी में बारिश होगी क्या?
उत्तर प्रदेश में मौसम पूरी तरह बदल गया है। पिछले 24 घंटे के दौरान तेज ठंडी हवाओं के झोंको ने गर्मी से राहत दी है तो कहीं-कहीं तेज आंधी के साथ बारिश रिकॉर्ड की गई है। आईएमडी का अनुमान है कि मंगलवार तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बादलों की आवाजाही जारी रहेगी। हालांकि, बीच-बीच में धूप भी निकलेगी। खासकर, मेरठ, बिजनौर, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर और हापुड़ सहित कई अन्य जिलों में मेघ गर्जन, धूल भरी आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी या बारिश की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं ओलावृष्टी और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा जताया गया है। उधर, मध्य यूपी और बुंदेलखंड के जिलों में आंशिक तौर पर बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश को लेकर कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
दिल्ली में बारिश का अलर्ट
दिल्ली-एनसीआर में तेज ठंडी हवाओं ने गर्मी पर ब्रेक लगा दिया है। पिछले 24 घंटों के दौरान अचानक मौसम का मिजाज बदल गया है और लोगों ठंडक का एहसास हुआ। मौसम विभाग ने अगले 2 दिन तक गरज-चमक के साथ बौछारों गिरने की संभावना जताई है। इस दौरान आंधीनुमा हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम में तरावट आने से न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कई डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आई है, जिससे दिन में भी मौसम सुहावना बना हुआ है। मंगलवार तक न्यूनतम तापमान 15 से 18 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम 25 से 28 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है। सीपीसीबी के मुताबिक, हवाओं की गति तेज होने से और बारिश की बूंदे गिरने से हवा की क्वालिटी में सुधार हुआ है, जिससे पॉल्यूशन के स्तर पर गिरावट हुई है। फिलहाल एक्यूआई 100 के करीब आ पहुंचा है। हालांकि मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि 19 मार्च से एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल सकता है। पूर्वानुमान के अनुसार उस दिन आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और एक-दो स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 20 मार्च को भी आंशिक बादल और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि 21 मार्च को सामान्य रूप से बादल छाए रहने के साथ हल्की वर्षा हो सकती है।
राजस्थान में मौसम कैसा है
राजस्थान में मौसम बदला हुआ है। राज्य के कई जिलों में पिछले 24 घंटों में हल्की बारिश होने से तापमान में दो-चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई। आईएमडी ने बताया कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ इस सप्ताह सक्रिय रहेगा, जिसके असर से कहीं-कहीं बारिश होने एवं आंधी चलने की संभावना है। 16-17 मार्च को राज्य में मौसम शुष्क रहने की संभावना है, जबकि 18-21 मार्च को एक और नया मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव होगा। जिसके असर से कहीं-कहीं 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने एवं बारिश होने की संभावना है। 18 मार्च को जोधपुर एवं बीकानेर संभागों में कहीं-कहीं आंधी के साथ हल्की बारिश होने और शेष भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। 19-20 मार्च को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर एवं कोटा संभागों के कुछ भागों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने एवं बारिश होने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
बिहार में बारिश का मौसम
बिहार में अगले कई दिनों तक पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा, जिसके प्रभाव से पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, पटना, किशनगंज, मधेपुरा, कटिहार, भागलपुर, सहरसा, खगड़िया, बांका, जमुई, शिवहर, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, मुंगेर, बेगूसराय, लखीसराय, नवादा, नालंदा, शेखपुरा, गया और जहानाबाद में मौसम में बदवाल देखने को मिलेगा। इस दौरान आंधी-बारिश के साथ ठनका गिरने की चेतावनी है। मौसम विभाग का कहना है कि 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधीनुमा हवाएं चलेंगी और बादलों के गरजने के साथ ठनका गिरने का खतरा बना रहेगा। मौसम में बदवाल से तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी।
17 मार्च मंगलवार का तापमान
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 15°C | 30°C |
| चंडीगढ़ | 13°C | 24°C |
| मुंबई | 24°C | 29°C |
| जयपुर | 17°C | 32°C |
| भोपाल | 21°C | 24°C |
| लखनऊ | 19°C | 32°C |
| पटना | 19°C | 33°C |
| रांची | 20°C | 32°C |
| कोलकाता | 23°C | 33°C |
| चेन्नई | 26°C | 31°C |
| हैदराबाद | 21°C | 33°C |
| देहरादून | 21°C | 33°C |
| शिमला | 6°C | 16°C |
| कश्मीर | -1°C | 5°C |
हीटवेव क्या है?
मार्च की शुरुआत से ही अधिकांश राज्यों में तापमान बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2 से 4 दिन में तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा, तमिलनाडु और रायमसीला में दिन का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। अगले 10 दिन में 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मैदानी इलाकों में हीटवेव के 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होना आवश्यक है, जो सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस ज्यादा होना चाहिए। तटीय क्षेत्रों के लिए यह सीमा 37 डिग्री सेल्सियस और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 30 डिग्री सेल्सियस निर्धारित है। इस दौरान डीहाइड्रेशन, हीट क्रैम्प्स और जानलेवा हीटस्ट्रोक होने का खतरा बढ़ सकता है। ले चलमे से चक्कर आना, बेहोशी इत्यादि आने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
गर्मी कहां पड़ रही
देश के अधिकांश भागों पर तापमान में बढ़ोतरी जारी है। हालांकि, अभी भी हिमालयी राज्यों पर बर्फबारी से मौसम सर्द है, लेकिन उत्तर भारत में न्यूनतम और अधिकतम तापमान बढ़ रहा है। लिहाजा, अगले सप्ताह तक मौसम काफी गर्म महसूस होगा। फिलहाल, दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर और गुजरात, महाराष्ट, छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के अधिकांश भागों पर गर्मी का सिलसिला शुरू हो गया है। जल्द ही कुछ राज्यों में लू और सनबर्न का अलर्ट जारी हो सकता है।
सनबर्न क्या होता है?
गर्मी का सीजन शुरू होने के संकेत मिलने लगे है। लिहाजा गर्मियों के सीजन से बचाव के लिए सनबर्न का अलर्ट जारी किया जाता है। दरअसल, एक्सपर्ट के मुताबिक, सनबर्न त्वचा के लिहाज से काफी हानिकारक माना जाता है। चिकित्सीय भाषा में इसे डर्माटाइटिस सोलारिस कहा जाता है। सनबर्न सूरज की यूवी किरणों के अधिक संपर्क में आने से होती है। इससे स्किन पर इरिटेशन होने लगती है, जिससे त्वचा में छाले, सूजन और लाल दाग पड़ने लगते हैं और दर्द महसूस होता है। यानी की अधिकांश केस में स्किन झुलस जाती है, जिससे उसका कलर डार्क प्रतीत होता है।
