कल का मौसम कैसा रहेगा : मॉनसून ने देश के ज्यादातर राज्यों पर अपनी दस्तक दे दी है, लेकिन उत्तर भारत में इसका असर कम होता दिखाई दे रहा है। पिछले 24 घंटे के दौरान आसमान पर बादलों की आवाजाही रही, लेकिन बारिश की गतिविधियां कम ही हुईं। मौसम विभाग का मानना है कि मॉनसून ट्रफ पहाड़ों की ओर शिफ्ट हो रही है, जिसकी वजह से दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार के हिस्सों पर बारिश में कमी देखी जाएगी। हालांकि, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में तेज अंधड़ के साथ मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि का खतरा बना रहेगा। अत्यधिक पानी के जमाव के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ की संभावना बढ़ रही है। उधर, महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा में अच्छी-खासी वर्षा से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। स्काईमेट ने समूचे पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत में मॉनसून का असर तेज होने से भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी है।
कल का मौसम
दक्षिण भारत में मॉनसून
दक्षिण भारत में मॉनसून अपने शबाब पर है। अधिकांश राज्यों में तेज तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश का सिलसिला जारी है। आईएमडी ने अगले कई दिनों तक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में भी अधिकांश स्थानों पर या तो बारिश नहीं होगी या केवल हल्की फुहारें पड़ेंगी। हालांकि पश्चिमी घाट के कुछ इलाकों में मध्यम बारिश जारी रह सकती है। कमोबेश यही हालात पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में दिखाई देंगे, जहां अत्यधिक बारिश रिकॉर्ड की जा सकती है। भारी बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। असम और अरुणाचल प्रदेश की कई नदियों में बाढ़ के कारण लोगों को पलायन करना पड़ रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश की संभावना
दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश की संभावना जताए जाने के बीच शनिवार को न्यूनतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्र सफदरजंग स्टेशन पर न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम है। हालांकि, शुक्रवार के मुकाबले इसमें 0.8 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। अन्य मौसम केंद्रों में पालम में न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले की तुलना में 0.1 डिग्री अधिक है। लोधी रोड पर पारा 26.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो शुक्रवार के न्यूनतम तापमान से 0.5 डिग्री अधिक है।
वहीं, रिज और आयानगर में न्यूनतम तापमान क्रमशः 23.5 डिग्री और 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ये शुक्रवार की तुलना में क्रमशः 0.6 डिग्री और 1.4 डिग्री कम हैं। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार के लिए मौसम का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, दिनभर अलग-अलग स्थानों पर बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है। आईएमडी के एक अधिकारी ने कहा, ’’पूर्वाह्न के दौरान गरज और बिजली चमकने के साथ बहुत हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने यह भी कहा कि अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। हालांकि, आने वाले सप्ताह में बारिश का कोई पूर्वानुमान नहीं है।
आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, शनिवार को अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है और इसके 36 से 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
इस बीच, शनिवार सुबह दिल्ली की वायु गुणवत्ता ’संतोषजनक’ श्रेणी में बनी रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह नौ बजे शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 91 दर्ज किया गया। इससे पहले शुक्रवार शाम चार बजे दर्ज 24 घंटे का औसत एक्यूआई 65 था और वह भी ’संतोषजनक’ श्रेणी में था।
राजस्थान में बारिश पड़ी हल्की
राजस्थान के अनेक इलाकों में दक्षिण पश्चिम मानसून के कमजोर पड़ने के बीच भी बीते चौबीस घंटे में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार इस दौरान राज्य में कहीं-कहीं पर हवा चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हुई। इस दौरान सबसे अधिक राजगढ़/सादुलपुर (चूरू) में 55.0 मिलीमीटर बारिश हुई। इस दौरान राज्य में सबसे ज्यादा तापमान गंगानगर में 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सिरोही में 21 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार राज्य के अधिकांश भागों में आगामी एक सप्ताह तक मानसून संबंधी परिस्थितियों के कमजोर रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकांश भागों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने व केवल छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश
हिमाचल प्रदेश में शनिवार को मध्यम से भारी बारिश के कारण शिमला में भूस्खलन हुआ, सांगला में पिछले साल निर्मित एक अस्थायी पुल (बेली ब्रिज) ढह गया और किन्नौर जिले में बाढ़ का पानी एकमंजिला मकान में घुस गया जिससे आसपास के कई अन्य मकानों पर भी खतरा मंडराने लगा है। शिमला शहर के बोथवेल क्षेत्र में संजौली कॉलेज के पास सड़क के नीचे बनी सुरक्षा दीवार शनिवार तड़के ढह गई और उसका मलबा नीचे बने आवासीय मकानों की ओर जा गिरा।
शनिवार को भी हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में मध्यम से बहुत भारी स्तर की बारिश जारी रही। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार शाम से शनिवार तक नाहन में 158.9 मिलीमीटर (मिमी), सोलन में 80.2 मिमी, नगरोटा सूरियां में 62.5 मिमी, गुलेर में 56.3 मिमी, धौलाकुआं में 55 मिमी, नारकंडा में 54.5 मिमी, कुफरी में 48.5 मिमी, सैंज में 48 मिमी, शिमला में 37.5 मिमी, मशोबरा में 36.5 मिमी, सराहन में 35.3 मिमी और भुंतर में 23.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने शनिवार को शिमला, कुल्लू, चंबा, बिलासपुर और सिरमौर जिलों के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जताते हुए ’येलो अलर्ट’ जारी किया है।
तमिलनाडु में कैसा रहेगा मौसम
तमिलनाडु के पश्चिमी घाट से लगे जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मध्यम बारिश की संभावना जताई है। वहीं, राजधानी चेन्नई समेत राज्य के कुछ अन्य हिस्सों में दिन के दौरान हल्की बारिश और गरज-चमक हो सकती है। चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तर तमिलनाडु तट पर करीब 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक ट्रफ (द्रोणिका) सक्रिय है। इसके अलावा, 1.5 से 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच तेलंगाना से कर्नाटक तट के पूर्व-मध्य अरब सागर तक एक अन्य ट्रफ बनी हुई है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से आने वाले दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में वर्षा गतिविधियां प्रभावित होंगी।
