Kal Ka Mausam ( कल का मौसम कैसा रहेगा 06 अगस्त 2025) : इन दिनों आसमान काले बादलों की कैद में हैं। मानसून की शुरुआत से अभी तक अच्छी खासी बारिश दर्ज की जा रही है, जिससे तापमान में काफी कमी आई और लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है। मौजूदा समय में हीटवेव पूरी तरह से छुट्टी पर जा चुकी है। मौसम विभाग ने इस सप्ताह के लिए अच्छे संकेत दिए हैं। अगले 24 से 48 घंटों के दौरान उत्तर भारत के दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार के साथ मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ में बादलों की गड़गड़ाहट और आंधी-तूफान के साथ मध्यम से तेज बारिश का अलर्ट जारी है। इस दौरान कई राज्यों में आसमानी बिजली (वज्रपात) गिरने की चेतावनी है। भारी बारिश के कारण अधिकांश नदियां खतरे के निशान के ऊपर बहेंगी। 06 अगस्त को पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में बादल फटने और मूसलाधार बारिश के कारण लैंडस्लाइड एवं आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। लिहाजा, लोगों को खराब मौसम के दौरान यात्रा करने से परहेज करना होगा। इसके अतिरिक्त कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, आंध प्रदेश, तमिलनाडु, लक्ष्यद्वीप, सिक्किम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, असम, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, गुजरात और महाराष्ट्र में मध्यम से तेज मानसूनी गतिविधियां होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
कल का मौसम
| शहर का नाम | न्यूनतम तापमान | अधिकतम तापमान |
| दिल्ली | 27 °C | 32 °C |
| मुंबई | 28 °C | 30 °C |
| भोपाल | 23 °C | 29 °C |
| जयपुर | 26 °C | 32 °C |
| पटना | 27 °C | 32 °C |
| लखनऊ | 26 °C | 30 °C |
| उत्तरकाशी | 21 °C | 25 °C |
| देहरादून | 23 °C | 26 °C |
| शिमला | 18 °C | 21 °C |
| जम्मू-कश्मीर | 11 °C | 19 °C |
| हैदराबाद | 23 °C | 29 °C |
| चेन्नई | 28 °C | 33 °C |
यूपी में कल का मौसम कैसा रहेगी?
उत्तर प्रदेश में तेज मानसूनी बारिश के कारण कई जिलों में भारी से भारी बारिश दर्ज की जा रही है। इधर, पहाड़ों में हो रही बारिश के कारण मैदानी इलाकों में जमा हुए पानी से प्रदेश की नदियां उफान पर हैं। खासकर, गंगा, यमुना, रामगंगा, शारदा, राप्ती और घाघरा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में गोरखपुर, बलिया, गाजीपुर, देवरिया, आजमगढ़, वाराणसी, हमीरपुर, चित्रकूट, बांदा, महोबा, कानपुर, प्रयागराज, बरेली, अयोध्या, लखनऊ और अलीगढ़ शामिल हैं। मौसम विभाग ने कानपुर, कानपुर देहात, कन्नौज, इटावा, मैनपुरी, हरदोई, महाराजगंज, बस्ती, बहराइच, गोंडा, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, मेरठ, हापुड़, कासगंज, बुलंदशहर, नोएडा, गाजियाबाद, बिजनौर, रामपुर जालौन, श्रावस्ती, बलरामपुर, बदायूं, खीरी, सीतापुर और आगरा समेत कई जिलों में मेघ गर्जन और आंधी के साथ तेज बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। अत्यधिक बारिश के कारण किसान खेती की बुआई नहीं कर पा रहे हैं।
दिल्ली कल का मौसम कैसा रहेगा?
दिल्ली- एनसीआर में मौसम का मिजाज ठंडा है। कई दिनों से बादल तो छाए हैं लेकिन बारिश में तीव्रता देखने को नहीं रही है। हालांकि, मौसम विभाग के मुताबिक, यह पूरे सप्ताह मौसम और पर्यावरण दोनों ही दृष्टिकोण से राहत भरा साबित हो सकता है। आईएमडी की मानें तो 5 अगस्त से लेकर 10 अगस्त एनसीआर में लगातार बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में बारिश की संभावना बनी रहेगी। हालांकि, तापमान में ज्यादा गिरावट तो नहीं होगी लेकिन उमस से जरूर राहत रहेगी। 6, 7 और 8 अगस्त को गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान से साथ बारिश का अलर्ट घोषित है। इस दौरान अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जाएगा। बारिश की वजह से प्रदूषण का स्तर नीचे की ओर जा रहा है, जिससे लोग साफ हवा में सांस ले रहे हैं।
राजस्थान का मौसम कैसा है?
राजस्थान के कई हिस्सों में इस पूरे सप्ताह बारिश जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने बताया कि अगले 3 से 4 दिन जयपुर, अजमेर, बीकानेर, चुरू, अलवर, जोधपुर, भरतपुर, कोटा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर और बांसवाड़ा समेत कई जिलों में बादलों की आवाजाही लगी रहेगी और तेज हवाओं के साथ बारिश के साथ वज्रपात भी हो सकता है। खासकर, निचले इलाकों में मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ का खतरा बना रहेगा। कल इसी तरह का मौसम पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश और इधर, हरियाणा-पंजाब में भी देखने को मिलेगा।
बिहार कल का मौसम
बिहार में मानसूनी बारिश ने मौसम काफी सुहावना कर रखा है। अधिकतर राज्यों में बारिश का दौर जारी है, लेकिन कुछ हिस्सों में बहुत कम मौसमी गतिविधियां हो रही हैं। पटना मौसम विज्ञान ने 6 अगस्त को मधुबनी, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया और सुपौल में ठनका गिरने और तेज हवाओं के साथ वर्षा का अलर्ट घोषित किया है। नेपाल की ओर रहे भारी मात्रा में पानी की वजह से नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं।
उत्तराखंड का मौसम कैसा है?
उत्तराखंड में मौसम तबाही मचा रहा है। लगातार कई घंटो से जारी भारी बारिश से गंगा, यमुना सहित समेत कई नदियां और नाले उफान पर हैं। कई जगह भूस्खलन से सड़के बाधित हो गई हैं, जिससे सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मंगलवार की दोपहर अचानक उत्तरकाशी के हर्षिल में बादल फटने से कई लोग बह गए। अचानक भारी मात्रा में पहुंचे पानी से हर्षिल स्थित गेस्ट हाउसों में पानी भारी तबाही हुई है।
आईएमडी ने अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 11 जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है। इस दौरान बादल फटने के साथ अचानक बाढ़ का खतरा पैदा होने की चेतावनी जारी की है। कई जिलों में भारी के मद्देनजर स्कूलों को बंद कर दिया गया है। हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया, जिसके बाद तटवर्ती इलाकों में बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है।
उत्तराखंड में कहां होगी मूसलाधार बारिश?
मौसम विभाग ने बुधवार को देहरादून, चमोली, बागेश्वर, रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, नैनीताल, अल्मोड़ा, पौड़ी, उत्तकाशी, टिहरी, चंपावत के विभिन्न इलाकों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कई जगहों पर आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम
हिमाचल प्रदेश में मौसम का कहर जारी है। लगातार कई दिनों से जारी भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कई सड़कों के ऊपर से नदियां और नाले बहते दिखाई दे रहे हैं। मौसम विभाग ने 6 अगस्त यानी बुधवार को कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर, शिमला, सिरमौर, मंडी, हमीरपुर और सोलन के अधिकांश हिस्सों में गरज चमक के साथ आंधी-तूफान और भारी बारिश तबाही ला सकती है। बादल फटने की संभावना भी बनी हुई है।
केरल में कैसा है मौसम का हाल?
दक्षिण भारत में केरल समेत कई राज्यों में मानसूनी बारिश का अलर्ट घोषित है। मौसम विभाग ने मंगलवार को केरल की कई नदियों और बांधों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। आईएमडी ने इडुक्की, वायनाड, पलक्कड़, पथनमथिट्टा, त्रिशूर और एर्नाकुलम जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। कमोबेश ऐसी ही बारिश तमिलनाडु, तेलंगाना और कर्नाटक के अधिकतर हिस्सों में दर्ज किया जाएगा। भारी बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के संकेत हैं।
