हमारा अनशन टूटा है, आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। JSSC-CGL परीक्षा रद्द होने के बाद देवेंद्र महतो (Devendra Mahto) ने अपना अनशन खत्म कर दिया है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया है कि उनका आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, यह जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि छात्र आगे भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखेंगे। महतो के अनुसार छात्र इस आंदोलन को और मजबूती के साथ आगे बढ़ाएंगे। मांग पूरी होने के बाद भी आखिर छात्र अब भी अनशन पर क्यों अड़े हैं? चलिए जानते हैं इस प्रश्न का उत्तर।
झारखंड सरकार ने रद्द की JSSC CGL परीक्षा, आंदोलन जारी
छात्रों ने झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता को लेकर आंदोलन शुरू किया था। आज उनके आंदोलन का 25वां दिन है। देर रात लगभग 1 बजे झारखंड सरकार सरकार ने आंदोलनकारी छात्रों से बात की। सरकार की तरफ से दो मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और डॉ. इरफान अंसारी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने आमरण अनशन पर बैठे छात्र नेताओं से बात की और उनका अनशन समाप्त कराया।
दो मंत्रियों की पहल और JSSC CGL परीक्षा रद्द होने के बाद इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्र महतो ने आखिर 24 दिन बाद अपना अनशन समाप्त किया। फिर अस्पताल में भर्ती हबीबा और राहुल ने भी अपना अनशन समाप्त कर दिया। इस तरह अनशन कर रहे पांच छात्रों में से तीन ने अपना अनशन खत्म कर दिया, जबकि 2 छात्र अब भी अनशन जारी रखे हुए हैं। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक वह अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
JSSC CGL परीक्षा रद्द करने की छात्रों की मांग पूरी हो चुकी है। छात्रों की मांग प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता की जांच CBI से कराने की भी है, जिसे पूरा नहीं किया गया है। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की ओवरहॉलिंग और जवाबदेही तय करने की भी मांग छात्रों ने उठाई है।
