झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे छात्रों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचकर राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल से पहले दौर की औपचारिक बातचीत की।
जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल से मिली झारखंड सरकार
मंत्रियों और छात्र नेताओं दोनों ने इस मुलाकात को काफी सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक बताया। बैठक के बाद झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों के प्रति संवेदनशील है। दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि सरकार ने कुछ विषयों पर छात्रों से लिखित में दस्तावेज मांगे हैं, जो जल्द ही मुख्यमंत्री के समक्ष रखे जाएंगे और त्वरित समाधान निकाला जाएगा।
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सरकार के साथ बातचीत के बाद छात्र प्रतिनिधियों के सुर भी काफी आश्वस्त नजर आए। छात्र नेता रवींद्र पासवान और राजेश प्रसाद ने कहा कि पहली बार मंत्रियों के साथ इस तरह पारिवारिक माहौल में विस्तार से चर्चा हुई। छात्र नेता नीतू कुजूर ने बताया कि मंत्रियों ने उनके अनुशासन और प्रस्तुति की सराहना की है तथा प्रशासनिक सुधारों पर सहमति जताई है।
हालांकि, बातचीत के बावजूद अभ्यर्थियों ने अपने आंदोलन के कदम पीछे नहीं खींचे हैं। छात्र नेता पीयूष कुमार ने साफ कर दिया कि 10 अगस्त को प्रस्तावित 'विधानसभा घेराव' का कार्यक्रम यथावत रहेगा। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि चरणबद्ध तरीके से वार्ता चलती रहेगी, लेकिन जब तक सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।
छात्रों की तीन मुख्य मांगे
छात्रों ने अपनी मांगों को मुख्यतः तीन श्रेणियों में बांटा है-रद्दीकरण, जांच और सुधार। अभ्यर्थियों की मांग है कि धांधली के आरोपों से घिरी जेएसएससी परीक्षाओं और टीडीपीएल (TDPL) एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को निरस्त किया जाए। इसके साथ ही विवादित अधिकारियों की भूमिका वाली परीक्षाओं को रद्द करने की मांग है। जांच के स्तर पर छात्र पूरे मामले की सीबीआई (CBI) और ईडी (ED) से संयुक्त जांच चाहते हैं। तीसरे चरण में जेपीएससी और जेएसएससी की कार्यप्रणाली में ठोस प्रशासनिक सुधार की शर्त रखी गई है।
