'13 में से सिर्फ 3 परीक्षाएं रद्द, 98 फीसदी मांगें पूरी होने की बात गलत', प्रदर्शनकारी छात्रों ने हेमंत सरकार के दावों की खोली पोल

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 16वें दिन भी जारी रहा। सरकार की कमेटी द्वारा 98 प्रतिशत मांगें मानने के दावे को छात्र नेताओं ने पूरी तरह खारिज और झूठा करार दिया है। छात्रों का कहना है कि 13 विवादित परीक्षाओं में से सिर्फ 3 को ही रद्द किया गया है।

झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ अभ्यर्थियों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को छात्रों का यह आंदोलन 16वें दिन में प्रवेश कर गया, वहीं 6 छात्र लगातार भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। इस बीच, राज्य सरकार की एक समिति द्वारा 98 प्रतिशत मांगें स्वीकार किए जाने के दावे पर छात्र नेताओं ने पलटवार करते हुए सरकार पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया है।

Jharkhand Student Protest

झारखंड छात्र आंदोलन

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि सरकार का दावा पूरी तरह भ्रामक है। उन्होंने कहा कि छात्रों ने धांधली से प्रभावित कुल 13 परीक्षाओं को रद्द करने की मांग रखी थी, लेकिन सरकार ने केवल 3 परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमति जताई है। ऐसे में 98 फीसदी मांगें पूरी होने की बात कहना युवाओं को गुमराह करने जैसा है।

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