Ranchi RSS Office Attack: झारखंड की राजधानी रांची से एक बेहद संवेदनशील और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांतीय कार्यालय पर देर रात अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा पेट्रोल बम से हमला करने की कोशिश की गई। हालांकि, हमलावरों की यह बड़ी साजिश नाकाम रही और कार्यालय परिसर को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। इस घटना के बाद से पूरे रांची शहर में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
रांची में बड़ी साजिश नाकाम; RSS दफ्तर पर देर रात पेट्रोल बम से हमले की कोशिश, हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां (NB Content)
बाउंड्री वॉल पार नहीं कर सकीं पेट्रोल से भरी बोतलें
रांची पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, देर रात बाइक पर सवार होकर आए दो संदिग्ध युवकों ने इस वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। आरोपियों ने सॉस की बोतलों में पेट्रोल भरकर उन्हें 'पेट्रोल बम' की तरह इस्तेमाल किया और संघ कार्यालय परिसर के अंदर फेंकने का प्रयास किया।
गनीमत यह रही कि दोनों बोतलें आरएसएस दफ्तर की ऊंची बाउंड्री वॉल को पार नहीं कर सकीं और परिसर के बाहर सड़क पर ही गिर गईं। इस वजह से कोई बड़ा धमाका या आगजनी नहीं हुई और एक बड़ी अनहोनी टल गई।
मौके पर बुलाई गई FSL की टीम, CCTV खंगाल रही पुलिस
घटना की भनक लगते ही पुलिस महकमे और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। रांची पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और पूरे निवारणपुर इलाके की घेराबंदी कर दी गई। रांची पुलिस के अनुसार, इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराध अनुसंधान से जुड़ी कई विशेष टीमों को आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगाया गया है। आरएसएस कार्यालय के आस-पास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।
हमले के बाद गरमाई सूबे की सियासत
आरएसएस (RSS) कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने की इस कोशिश के बाद झारखंड की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बड़े नेताओं ने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे एक सुनियोजित साजिश करार दिया है।
झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के दिग्गज नेता बाबूलाल मरांडी ने घटना की गंभीरता को रेखांकित करते हुए पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, 'रात करीब 12:36 बजे दो लड़के बाइक पर दो बार आते हैं। वे एक बार ऊपर पेट्रोल बम चलाते हैं जो वहां फटता भी है, और फिर नीचे चलाते हैं। वारदात को अंजाम देकर वे आराम से फरार हो जाते हैं। यह मामला बेहद गंभीर है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दफ्तर पर इस तरह से हमला होने का सीधा मतलब है कि राज्यभर में किसी बहुत बड़ी अप्रिय घटना को अंजाम देने की तैयारी की जा रही थी। हमने पुलिस से हमलावरों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है।'
वहीं, इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने कहा कि बीच शहर में इस तरह की हिमाकत करना किसी बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है। संजय सेठ ने कहा, 'संघ कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला किया गया है, जिसमें से एक बम फटा है और एक नहीं फटा। रात 12 बजे के आसपास अमूमन सब लोग जगे ही रहते हैं, ऐसे समय में बीच शहर में आकर ऐसा दुस्साहस करना एक बहुत बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। मैंने इस संबंध में राज्य के डीजीपी (DGP) और डिप्टी कमिश्नर से सीधे बात की है। यह साफ तौर पर राज्य और राजधानी रांची को अशांत करने की एक बड़ी योजना थी। पुलिस को यह पता लगाना चाहिए कि इस साजिश के तार कहां तक फैले हैं और इसके पीछे क्या मुख्य कारण थे।'
