झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में हुई कथित धांधली, अयोग्य अभ्यर्थियों को पास कराने और OMR शीट में हेराफेरी के मामले में जांच की आंच अब आयोग के शीर्ष पदाधिकारियों तक पहुंच गई है। पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के इस्तीफे के बाद अब JPSC के तीन संवैधानिक सदस्यों, डॉ. अजिता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने भी अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। राज्य सरकार की अनुशंसा के आधार पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तीनों सदस्यों का त्यागपत्र तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।
JPSC के 3 सदस्यों ने दिया इस्तीफा (फाइल फोटो)
CID का कड़ा शिकंजा और समन
CID की विशेष टीम JPSC की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए गंभीर घोटालों की गहन जांच कर रही है। CID ने OMR शीट में छेड़छाड़ और चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी के संबंध में पूछताछ के लिए तीनों सदस्यों को अलग-अलग तारीखों पर समन जारी किया था। सोमवार को डॉ. अजिता भट्टाचार्य से पूछताछ होनी है। समन जारी होने के तुरंत बाद तीनों सदस्यों द्वारा दिए गए इस्तीफे से राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
चेयरमैन पहले ही दे चुके हैं इस्तीफा
इससे पहले, JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव एल. खियांग्ते के कार्यालय और निजी आवास पर CID की टीमों ने छापेमारी की थी। छापेमारी और लगातार बढ़ती जांच के बीच एल. खियांग्ते ने अपने पद से इस्तीफा सौंप दिया था, जिसे राजभवन द्वारा पहले ही स्वीकार किया जा चुका है। जांच एजेंसियों का मानना है कि परीक्षा आयोजित कराने वाली निजी प्रिंटिंग एजेंसी और बिचौलियों के गठजोड़ से यह पूरा घोटाला अंजाम दिया गया था।
