झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC-CGL) परीक्षाओं में हुई कथित धांधली के विरोध में सोमवार को रांची में आयोजित 'विधानसभा घेराव' मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के बीच भारी टकराव देखने को मिला। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और वाटर कैनन के प्रयोग में कई छात्र घायल हो गए हैं। अस्पताल में इलाज करा रहे घायल छात्रों ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए इस कार्रवाई को बेहद बर्बर और असंवैधानिक करार दिया है।
पुलिस कार्रवाई के बारे में बताते शिवम
'बिना किसी चेतावनी के शुरू कर दिया लाठीचार्ज': घायल छात्र का दावा
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत के दौरान घायल छात्र शिवम ने घटना की आपबीती बताते हुए दावा किया कि कम से कम 100 युवा पुलिस की लाठियों का शिकार हुए हैं।
शिवम ने कहा कि "हम विधानसभा के बाहर शांतिपूर्ण तरीके से बैठकर सरकार के प्रतिनिधियों का इंतजार कर रहे थे ताकि वे आकर हमारी मांगों का जवाब दें। लेकिन सरकार का कोई प्रतिनिधि तो नहीं आया, उल्टे भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया। बिना किसी बातचीत या चेतावनी के पुलिस ने सीधे लाठीचार्ज शुरू कर दिया। मुझे पीठ पर मारा गया, कई साथियों की छाती और हाथों पर गंभीर चोटें आई हैं। कम से कम 100 युवाओं को लाठियों से पीटा गया है। छात्र पिछले 9 दिनों से भूख हड़ताल पर थे और उनकी हालत पहले से खराब थी।"
'हेमंत जी, आपको ऐसा नहीं करना चाहिए था': छात्रों का आक्रोश
एक अन्य घायल छात्र विक्रम कुमार ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह से अनुशासित और अहिंसक था। विक्रम ने कहा, "हेमंत सोरेन जी, आपको ऐसा नहीं करना चाहिए था। हम बहुत शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। हमने कोई गाली-गलौज या हुड़दंग नहीं किया। इसके बावजूद अचानक पुलिस ने बर्बरता से लाठीचार्ज कर दिया, यह बिल्कुल सही नहीं है।"
प्रदर्शनकारी छात्र JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने, पूरी धांधली की सीबीआई (CBI) जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग पर अड़े हुए हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का आश्वासन
वहीं, बढ़ते बवाल के बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं और अपनी बात रखने के उनके अधिकार का सम्मान करती है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अभ्यर्थियों की जायज मांगों पर विचार कर उनका उचित समाधान निकाला जाएगा। इसके बावजूद, लाठीचार्ज की घटना के बाद से अभ्यर्थियों और विपक्षी दलों में भारी रोष व्याप्त है। छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा ने आज झारखंड बंद का आह्वान किया है।
