जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की वरिष्ठ नेता इल्तिजा मुफ्ती ने युवाओं, विशेषकर युवतियों के साथ एक खास बातचीत की। इस दौरान घाटी के नौजवानों में पनप रही निराशा, बेरोजगारी, आरक्षण और नशे की समस्या जैसे गंभीर मुद्दों पर गहराई से चर्चा हुई।
शोपियां में इल्तिजा मुफ्ती का बड़ा जुबानी हमला (फोटो: X/@jkpdp)
कार्यक्रम के दौरान इल्तिजा मुफ्ती ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कश्मीर का युवा और 'जनरेशन जेड' (Gen Z) इस वक्त भारी डिप्रेशन और हताशा के दौर से गुजर रहा है।
घाटी में नौकरियों की भारी कमी है, जिसके चलते नौजवान नशे और शराब की लत की तरफ बढ़ रहे हैं। पीडीपी नेता ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी युवाओं के पास केवल उनकी समस्याओं को सुनने, उनसे संवाद स्थापित करने और एक सकारात्मक बहस शुरू करने के उद्देश्य से आई है। उन्होंने शोपियां की युवा महिलाओं के आत्मविश्वास और तीखे सवालों की सराहना की, जिन्होंने रोजगार और समान अवसरों पर अपनी बात बेबाकी से रखी।
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मुख्यमंत्री को इतना रक्षात्मक होने की जरूरत नहीं-इल्तिजा मुफ्ती
युवाओं के मुद्दों पर बात करने के साथ ही इल्तिजा मुफ्ती ने राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर बेहद तीखा राजनीतिक हमला बोला। उमर अब्दुल्ला की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए इल्तिजा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर या भारत के इतिहास में इतना कमजोर और डरपोक मुख्यमंत्री कभी नहीं देखा गया, जो बैठकों का एजेंडा कुछ ही घंटे पहले जारी करता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इतना रक्षात्मक होने की जरूरत नहीं है। उमर अब्दुल्ला को अपने पद के अनुसार मजबूती, आत्मविश्वास और जनता के अधिकारों के लिए लड़ने की इच्छाशक्ति दिखानी चाहिए, जो फिलहाल उनमें पूरी तरह से गायब नजर आ रही है। इल्तिजा ने जोर देकर कहा कि राज्य के बेहतर भविष्य के लिए युवाओं की आकांक्षाओं को नीतियों का हिस्सा बनाना बेहद जरूरी है।
