Navbharat Navnirman Manch Rajasthan: राजस्थान की स्वास्थ्य सेवा की चर्चा पूरे देश में हो रही है। खासकर चिरंजीवी बीमा योजना के दायरे में राजस्थान की 90 फीसदी लोग हैं। अशोक गहलोत सरकार की एकीकृत स्वास्थ्य नीति ने राज्य के स्वास्थ्य ढांचे में आमूल-चूल बदलाव लाया है। राज्य में दवाएं, जांच एवं एक्सरे मुफ्त हैं। राज्य सरकार की स्वास्थ्य नीति एवं उसकी योजनाओं के बारे में नवभारत नवनिर्माण मंच पर बेबाकी से चर्चा हुई। गहलोत सरकार में राज्य मंत्री सुभाष गर्ग ने राज्य की स्वास्थ्य नीति एवं योजनाओं पर विस्तार से बात की।
नवभारत नवनिर्माण मंच पर गहलोत सरकार के मंत्री सुभाष गर्ग।
'सीएम ने कहा था खजाना भले खाली हो जाए, मानवता को बचाना है'
सुभाष गर्ग ने कहा कि सीएम अशोक गहलोत यह हमेशा से मानते रहे हैं कि देश के विकास के लिए लिए शिक्षा और स्वास्थ्य बहुत जरूरी है। सीएम लोगों से संवाद और उनसे संपर्क करते हैं। लोगों का स्वास्थ्य बेहतर बनाने के लिए उन्होंने हेल्थ का नया मॉडल पेश किया। उन्होंने निरोगी राजस्थान का नारा दिया। स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई पहल होने के बाद ही देश के सामने कोरोना का संकट आ गया। इस संकट ने स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक अवसर दिया। कोरोना की चुनौतियों से राजस्थान जिस तरह से निपटा, उसकी सराहना दुनिया भर में हुई। सीएम ने कहा कि खजाना भले ही खाली हो जाए लेकिन मानवता को बचाना है। कोरोना के संकट ने हमें खट्टे-मीठे अनुभव दिए।
कहीं भी 25 लाख रुपए बीमा का मॉडल नहीं-गर्ग
मंत्री ने आगे कहा कि हमने एकीकृत स्वास्थ्य नीति बनाई। पूरे देश और दुनिया में 25 लाख रुपए बीमा का मॉडल नहीं है। गहलोत सरकार 1300 दवाइयां मुफ्त दे रही है। राज्य में अंग प्रत्यारोपण, ओपीडी मुफ्त है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने राजस्थान के इस हेल्थ मॉडल की तारीफ की है। राजस्थान के 90 प्रतिशत लोग इस बीमा कवर के दायरे में आ गए हैं जबकि राष्ट्रीय बीमा कवर 42 प्रतिशत है।
दूसरे राज्यों को भी राजस्थान का अनुसरण करना चाहिए
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन मनमोहन सिंह सरकार के समय की है। सरकारें बदलती हैं लेकिन रोडमैप नहीं बदलता। आने वाली सरकारें इस रोडमैप पर काम करती हैं। गहलोत सरकारों ने हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोला है। हर जिले में नर्सिंग कॉलेज खोले जा रहे हैं। दूसरे राज्यों को भी राजस्थान का अनुसरण करना चाहिए।
