राजस्थान के दौसा जिले में कल रविवार 6 जुलाई की रात आए तेज अंधड़ और मूसलाधार बारिश ने चार घंटे तक पूरे इलाके में भारी तबाही मचाई। जिले के कई हिस्सों में पेड़ उखड़ गए, बिजली के पोल गिर गए और छप्पर वाले मकान उड़ गए। इस अंधड़ में पक्के मकानों को भी काफी नुकसान पहुंचा है, जिससे यहां जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। अंधड़ के कारण जिले के अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई, जिससे आम लोगों को अंधेरे में समय बिताना पड़ा।
दौसा में बारिश और आंधी से तबाही
नेशनल हाईवे-21 और अन्य स्टेट हाईवे पर भी जगह-जगह पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया। अलवर-गंगापुर मेगा हाईवे पर बिजली की लाइन और पेड़ों के गिरने से ट्रैफिक बाधित हो गया। स्कूल बसें समय पर नहीं पहुंच सकीं, जिससे बच्चों को स्कूल नहीं ले जाया जा सका।
प्राकृतिक आपदा के चलते दो लोगों की मौत हो गई। मित्रपुरा गांव में दीवार गिरने से हंसा देवी और कुशाला का बास में कानाराम की मौत हो गई। इस हादसे में कैलाशी और सुरेश नामक दो लोग घायल ह गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दौसा में बाढ़ से टूटी सड़क
यहां के भांडारेज इंटरचेंज पर टोल बूथ और सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। एक मोबाइल टॉवर भी गिर गया और विज्ञापन साइट्स तबाह हो गईं। सैंथल सागर बांध में पहली बार पानी पहुंचने से किसानों को थोड़ी राहत की उम्मीद है। नांगल चापा से सूरवाल मार्ग की सड़क बह जाने से संपर्क टूट गया है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल राहत कार्यों में जुटे हैं, लेकिन हालात सामान्य होने में समय लग सकता है। दौसा जिला कलेक्टर ने पीड़ितों से मुलाकात कर सहायता का भरोसा दिलाया है। अब लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन शीघ्र ही स्थिति को नियंत्रित कर जनजीवन पटरी पर लौटाएगा।
