Asaram Bapu : रेप के आरोप में जेल में बंद आसाराम बापू को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं मिली है। उन्होंने जमानत के लिए शीर्ष अदालत में अर्जी दायर की थी लेकिन यहां उनकी अपील खारिज हो गई। साल 2022 में राजस्थान हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इंकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने जमानत के लिए उन्हें उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए कहा है।
रेप मामले में आसाराम को हुई है सजा।
जेल में नौ साल से बंद होने की दी दलील
अपनी जमानत अर्जी में आसाराम ने पिछले 9 सालों से जेल में बंद होने की दलील दी है। उनका कहना है कि उनकी उम्र 80 साल से ऊपर हो गई है और वह कई गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं। आंकड़े बताते हैं कि आसाराम ने जमानत के लिए कम से कम 15 बार कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है।
रेप के एक और मामले में हुई सजा
अपनी शिष्याओं से दुष्कर्म मामले में आसाराम आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। 2013 के एक रेप मामले में भी उन्हें आजीवन कारावास की सजा हुई है। यह केस सूरत की एक महिला ने उनके खिलाफ दायर किया था। महिला ने आरोप लगाया कि आश्रम के अंदर बार-बार आसाराम ने उनके साथ दुष्कर्म किया। साल 2001 से 2006 के बीच बाबा महिला के साथ नापाक हरकतें करते रहे।
रेप मामले में बाप-बेटे दोनों को उम्र कैद
आसाराम के खिलाफ दो बहनों ने भी रेप का केस दर्ज कराया था। दोनों बहनों ने आरोपप लगाया कि आसाराम और उनके बेटे नारायण साई ने 2001 से 2006 के बीच उनका दुष्कर्म किया। 2019 की में सूरत की अदालत ने नारायण साईं को दुष्कर्म का दोषी मानते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। गांधी नगर की अदालत आसाराम को दोषी ठहराते हुए उन्हें उम्र कैद की सजा सुनाई।
