जयपुर: राजस्थान के टोंक जिले में देवली उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान एसडीएम को थप्पड़ मारने के मामले में निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। हालांकि, उन्हें जेल से फिलहाल रिहाई नहीं मिल पाएगी क्योंकि इस मामले से जुड़े अन्य गंभीर आरोपों में अब तक राहत नहीं मिल सकी है।
नरेश मीणा को राजस्थान हाईकोर्ट से बड़ी राहत
गौरतलब है कि टोंक जिले के देवली उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान समरावता गांव में हुए उपचुनाव के दौरान मतदान का बहिष्कार कर रहे ग्रामीणों को जबरदस्ती वोट डालने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाते हुए नरेश मीणा ने मौके पर तैनात एसडीएम अमित कुमार चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। इस घटना के बाद इलाके में जबरदस्त बवाल मच गया था। उन्हें इस मामले में 14 नवम्बर 2024 को गिरफ्तार कर लिया था, और उनके खिलाफ नगरकोट थाने में मामला दर्ज किया गया था।
हालांकि हाईकोर्ट से उन्हें थप्पड़ कांड में जमानत मिल गई है, लेकिन हिंसा और आगजनी के मामलों को लेकर राहत नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि इस बड़ी कानूनी राहत के बाद नरेश मीणा दूसरे मामलों में भी जमानत के लिए याचिका दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।
