जयपुर

Jaipur : शादी में संगीत के लिए कॉपीराइट लाइसेंस की जरूरत नहीं, हो रहा था खेल

जयपुर में शादी समारोहों में संगीत बजाने के लिए अब किसी कॉपीराइट लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी। जयपुर पुलिस आयुक्तालय ने सभी थानाधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

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(सांकेतिक फोटो)

जयपुर में पुलिस आयुक्तालय ने स्पष्ट किया है कि शादी समारोहों में संगीत बजाने के लिए किसी कॉपीराइट लाइसेंस की आवश्यकता नहीं है। यह निर्देश सभी थानाधिकारियों को जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि कुछ असामाजिक तत्व शादी समारोहों में जाकर माहौल को खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।

एडिशनल कमिश्नर कुंवर राष्ट्र दीप ने बताया कि कॉपीराइट एक्ट 1957 की धारा 52 के अनुसार, विवाह जैसे धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में संगीत बजाना कॉपीराइट का उल्लंघन नहीं माना जाता। धारा 52 (1)(एक) में यह प्रावधान है कि किसी वास्तविक धार्मिक संस्कार या विवाह समारोह में साहित्यिक, नाट्य या संगीत कृति का प्रस्तुतीकरण या ध्वनियां को सार्वजनिक रूप से बजाना कॉपीराइट का उल्लंघन नहीं है। इस निर्णय से शादी समारोहों में संगीत बजाने को लेकर चल रही भ्रांतियों को समाप्त करने में मदद मिलेगी और आयोजकों को कानूनी सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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