Kota Couple Robbed in Indonesia: शुक्रवार रात इंडोनेशिया के बाली में कोटा (राजस्थान) के रहने वाले दंपत्ति सौरभ रानानी और उनकी पत्नी शिवानी पर हमला कर लूटपाट की गई। हमलावर उनके रुपये, मोबाइल फोन, पासपोर्ट और अन्य जरूरी सामान छीनकर फरार हो गए। सौरभ रानानी ने घटना की शिकायत बाली के स्थानीय पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने केवल औपचारिकता निभाते हुए रिपोर्ट दर्ज की और उसके बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
कोटा के दंपत्ति पर बाली में हमला और लूटपाट
इस घटना के बाद कोटा में उनके परिजन और रिश्तेदारों में चिंता फैल गई, क्योंकि पासपोर्ट के बिना भारत लौटना मुश्किल हो सकता था। इस स्थिति को देखते हुए बूंदी में रहने वाले उनके रिश्तेदार नरेश गुप्ता ने विदेश में संकट में फंसे भारतीयों की मदद के लिए काम करने वाले चर्मेश शर्मा से संपर्क किया। चर्मेश शर्मा ने तुरंत सौरभ से फोन पर बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में भारतीय दूतावास की ओर से इमरजेंसी सर्टिफिकेट जारी किया जाता है, जिसके जरिए वे स्वदेश लौट सकते हैं।
बैग, मोबाइल फोन और पैसे लूटकर फरार
कोटा निवासी सौरभ ने बताया कि शुक्रवार रात इंडोनेशिया के बाली में कुछ अज्ञात लोग लिफ्ट देने के बहाने उनके पास आए। जब उन्होंने लिफ्ट लेने से मना किया तो हमलावरों ने बातचीत के दौरान अचानक उन पर हमला कर दिया। सौरभ के मुताबिक, हमलावरों ने उन्हें जोर से धक्का देकर गिराने की कोशिश की और उनके बैग, मोबाइल फोन और पैसे लूटकर फरार हो गए। इस अप्रत्याशित घटना से सौरभ, उनकी पत्नी और उनके साथ यात्रा कर रहे दो अन्य लोग घबरा गए।
राष्ट्रपति सचिवालय के माध्यम से याचिका भेजी
घटना के बाद सामाजिक कार्यकर्ता चर्मेश शर्मा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति सचिवालय के माध्यम से एक याचिका भेजी है। इसके साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भी विदेश मंत्रालय के जरिए अधिकृत शिकायत भेजकर पीड़ित भारतीयों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने और इंडोनेशिया में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने भी इस मामले में संज्ञान लेकर शिकायत दर्ज कर ली है।
3 अक्टूबर की है दंपति की भारत वापसी की टिकट
शर्मा ने विदेश मंत्रालय और बाली स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास से संपर्क कर पीड़ितों के पासपोर्ट लुट जाने के कारण उनके लिए इमरजेंसी सर्टिफिकेट जारी करने की भी अपील की है, ताकि वे अपनी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर सकें। कोटा निवासी दंपति की भारत वापसी की टिकट 3 अक्टूबर की है, लेकिन बिना पासपोर्ट के वे यात्रा नहीं कर सकते। हालांकि इंडोनेशिया पुलिस में शिकायत दर्ज की गई है, लेकिन अब तक न तो अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है और न ही लूटा गया पासपोर्ट वापस मिला है। ऐसे में भारत लौटने के लिए इमरजेंसी सर्टिफिकेट ही उनका एकमात्र सहारा है, जिसे जल्द से जल्द जारी किया जाना जरूरी है।
