राजस्थान और गुजरात में आज सुबह से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीमों ने लगभग दो दर्जन स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई 2700 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले से संबंधित है। ईडी के सूत्रों के अनुसार, यह मामला "नेक्सा एवर ग्रीन" नामक प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जिसमें हजारों लोगों को निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया था। निवेशकों को आश्वासन दिया गया था कि उन्हें एक निश्चित समय के बाद फ्लैट, जमीन या अधिक रेट पर पैसे वापस मिलेंगे। इस प्रोजेक्ट के तहत लोगों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। राजस्थान पुलिस ने भी इस मामले में कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
(सांकेतिक फोटो)
इन जगहों पर छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने निवेशकों से कथित तौर पर 2,700 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से संबंधित धनशोधन मामले की जांच के तहत बृहस्पतिवार को राजस्थान और गुजरात में छापे मारे। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज यह मामला नेक्सा एवरग्रीन नामक कंपनी के खिलाफ राजस्थान पुलिस की प्राथमिकी से संबंधित है। सूत्रों ने कहा कि कंपनी पर आरोप है कि उसने गुजरात के धोलेरा शहर में भूखंड और अधिक रिटर्न का वादा करके निवेशकों से 2,700 करोड़ रुपये की ठगी की है। इस जांच के तहत राजस्थान के सीकर, जयपुर, जोधपुर और झुंझुनू और गुजरात के अहमदाबाद में कई स्थानों पर छापे मारे जा रहे हैं।
ईडी अब मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत सर्च ऑपरेशन कर रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह मामला गंभीर है और इसमें कई लोग शामिल हैं। छापेमारी के दौरान विभिन्न स्थानों पर दस्तावेज और अन्य साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। यह कार्रवाई वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ ईडी की निरंतर कोशिशों का हिस्सा है, जो देश में मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों को रोकने के लिए की जा रही है।
