Navbharat Navnirman Manch : राजस्थान की स्वास्थ्य सेवा की आज देश भर में चर्चा हो रही है। राज्य में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए अशोक गहलोत सरकार ने बीते पांच सालों में कई कदम उठाए हैं। खासकर चिरंजीवी बीमा योजना ने लोगों को बहुत बड़ा बीमा कवर दिया है। राजस्थान में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए इन बदलावों के बारे में टाइम्स नाउ नवभारत के समिट 'नवभारत नवनिर्माण मंच' पर खास चर्चा हुई। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव शुभ्रा सिंह एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के एमडी जितेंद्र सोनी ने राज्य की स्वास्थ्य सेवा के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
नवभारत नवनिर्माण मंच पर राजस्थान की स्वास्थ्य सेवा पर हुई चर्चा।
चिरंजीवी बीमा योजना से लोगों को पहुंचा फायदा-शुभ्रा सिंह
समिट के पहले सत्र 'स्वस्थ राजस्थान और सेहतमंद राजस्थान' में राज्य में स्वास्थ्य संबंधित पहल के असर के बारे में चर्चा हुई। इस सत्र में शुभ्रा सिंह ने कहा कि राजस्थान को पहले बीमारू राज्य कहा जाता था। यहां इतिहास, भूगोल और अर्थव्यवस्था की चुनौतियां थीं। राज्य की मानसिकता सांमतवादी रही है। यहां रेगिस्तान है। संसाधन नहीं थे। लोगों को जागरूक करना आसान काम नहीं था, लेकिन सीएम अशोक गहलोत की पहल के बाद अब यहां निरोग राजस्थान है। सीएम ने 7.4 फीसदी बजट स्वास्थ्य क्षेत्र को दिया। सीएम की पहल से शुरू हुई चिरंजीवी बीमा योजना से बड़ी संख्या में लोगों को फायदा पहुंच रहा है। लोगों को नि:शुल्क दवा मिल रही है, नि:शुल्क जांच हो रही है। गांव में ओपीडी लग रहा है। इसका श्रेय मुख्यमंत्री को जाता है।
कतार के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे-डॉ. सोनी
डॉ. जितेंद्र सोनी ने बताया कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को कतार के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया गया है। डॉ. सोनी ने कहा कि राजस्थान भौगोलिक रूप से विभिन्नता रखता है। जैसलमेर बहुत बड़ा जिला है। यहां कुछ पठारी और कुछ पहाड़ी इलाके भी हैं। व्यक्ति बीमार न पड़े इसके लिए सभी हेल्थ सेक्टर में व्यवस्था की गई है। कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर में तैनात अधिकारी गांव की आबादी पर नजर रखते हैं। लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए करीब 54000 आशाएं हैं। सरकारी अस्पतालों में हमने सीएचओ तैनात किया है।
'सीएम गहलोत ने रखी निरोगी राजस्थान की अवधारणा'
चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के बारे में शुभ्रा सिंह ने बताया कि सीएम गहलोत ने निरोगी राजस्थान की अवधारणा रखी। जनहित में यह चिरंजीवी योजना लाई गई। स्वास्थ्य के क्षेत्र में यह पीपीपी मॉडल है। इसके लिए सरकारी मिशनरी ने काम करना शुरू किया। आज यह योजना अपना रंग दिखा रही है। इसकी चर्चा देश भर में हो रही है। इसके तहत सवा लाख जांच नि:शुल्क हो रही हैं। सोनोग्राफी सहित करीब 700 जांच मुफ्त में हो रहे हैं। लोगों की 1800 दवाइयां मुफ्त में मिल रही हैं। इस योजना से निजी अस्पतालों को जोड़ा गया है। चिरंजीवी योजना के तहत परिवारों को 25 लाख रुपए का बीमा कवर दिया गया है। लोगों के पास बोन मैरो, किडनी, हार्ट ट्रांसप्लांट की सुविधा है। देश के किसी भी अस्पताल में गंभीर रोगों का इलाज कराया जा सकता है। स्वास्थ्य बीमा राजस्थान में 90 प्रतिशत हो गया है जो कि देश में सबसे ज्यादा है।
'अंगदान महाभियान' में लोगों ने रुचि दिखाई
राज्य के 'अंगदान महाभियान' पर शुभ्रा सिंह ने कहा कि यह सरकार की नई पहल थी। अंगदान के लिए लोगों को जागरूक किया गया है। एक दिन में करीब दो करोड़ लोगों ने अंगदान करने की शपथ ली। इस अभियान को सफल बनाने के लिए एनजीओ और धर्मगुरुओं की मदद ली गई। डॉ. सोनी ने कहा कि राज्य में आठ करोड़ की आबादी है। इस तरह की चीजों के लिए लगातार प्रयास करना पड़ता है।
