जयपुर में आज का मौसम (08 Jan 2026): राजस्थान की राजधानी जयपुर सहित राज्य के अधिकांश इलाकों में तेज़ ठंड, शीतलहर और घने से बेहद घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। जयपुर, सीकर, कोटा और बूंदी जैसे कई जिलों में सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही, कई स्थानों पर यह 50 मीटर से भी नीचे दर्ज की गई। कुछ इलाकों में स्थिति लगभग जीरो विजिबिलिटी जैसी बन गई, जिससे सड़क यातायात बाधित हुआ और रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ा। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के वैज्ञानिक राधेश्याम शर्मा के मुताबिक, बीते दो से तीन दिनों से प्रदेश में लगातार घना कोहरा बना हुआ है। इसके चलते दिन के तापमान में करीब 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखने को मिल रही है।
जयपुर में मौसम का हाल
अगर राजधानी जयपुर के मौसम की बात करें तो पिंक सिटी में बुधवार सुबह लगातार दूसरे दिन भी घना कोहरा देखने को मिला। मौसम विभाग के मुताबिक, हवा की रफ्तार बहुत धीमी होने और वातावरण में नमी अधिक होने के कारण कोहरा देर तक बना हुआ है। कोहरे के चलते सूरज की रोशनी नहीं मिल पा रही, जिससे दिन के समय भी ठंड का असर महसूस किया जा रहा है। वहीं राजस्थान के सबसे ठंडे इलाकों में सीकर सबसे आगे बना हुआ है। पिछले 24 घंटों के दौरान वहां न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
घने कोहरे का अलर्ट
इस तरह के सर्द मौसम ने आम लोगों की परेशानियां काफी बढ़ा दी हैं। इसी बीच सिरोही में न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री, फलोदी में 5.8 डिग्री, अजमेर में 5.9 डिग्री और अलवर में 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बूंदी, करौली, कोटा और सवाई माधोपुर जिलों के लिए गुरुवार को शीत दिवस के साथ घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। वहीं जयपुर में इस दौरान अधिकतम तापमान 18.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
राहत मिलने के आसार कम
मौसम विभाग के अनुसार, जब किसी क्षेत्र का अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 से 6.4 डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज किया जाता है, तो उस दिन को शीत दिवस माना जाता है। राजस्थान के कई जिलों में इस समय ऐसे ही हालात बने हुए हैं। विभाग का अनुमान है कि अगले 3 से 5 दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में शीतलहर का असर जारी रह सकता है। सुबह के समय घने कोहरे की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। फिलहाल मौसम साफ और शुष्क रहने की संभावना है, लेकिन ठंड से फिलहाल राहत मिलने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं।
