जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान भारतीय सेना का एक जवान शहीद हो गया। ऑपरेशन शेरूवाली में तैनात लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी की ड्यूटी के दौरान दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में फिसलकर गहरी खाई में गिरने से मौत हो गई। भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने युवा अधिकारी की मौत पर शोक जताया है और उनके बलिदान को श्रद्धांजलि दी है।
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व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल पी. के. मिश्रा और अन्य अधिकारियों व सैनिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान सेना के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। व्हाइट नाइट कोर ने सोशल मीडिया मंच ’एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ’जीओसी व्हाइट नाइट कोर और सभी दर्जे के सैनिक लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के असामयिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हैं। उन्होंने दुर्गम भूभाग, खड़ी चट्टानों और प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों वाले क्षेत्र में परिचालन संबंधी ड्यूटी निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।’’
आतंकियों की तलाश में चल रहे अभियान के दौरान हादसा
सेना ने कहा कि कर्तव्य के प्रति उनकी अटूट निष्ठा, अदम्य साहस और राष्ट्र सेवा के प्रति उनका निस्वार्थ समर्पण सभी सैनिकों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा। कोर ने कहा कि दुख की इस घड़ी में वह शोकाकुल परिवार के साथ पूरी संवेदना और एकजुटता के साथ खड़ी है तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करती है। अधिकारियों ने बताया कि लेफ्टिनेंट गोस्वामी सुरक्षा बलों की ’ऑपरेशन शेरूवाली’ नामक कार्रवाई का हिस्सा थे, जो राजौरी जिले के दोरीमाल-गंभीर मुगलान क्षेत्र में लगातार 15वें दिन भी जारी था। यह अभियान जंगल वाले इलाके में छिपे होने के संदेह में दो से तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों का पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए शुरू किया गया था।
(इनपुट - भाषा)
