हैदराबाद के मनीष धमेजा ने वैध क्रेडिट कार्डों (Manish Dhameja Credit Cards) के सबसे बड़े संग्रह का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड (Guinness World Record) बनाया है, जिसमें उनके पास आश्चर्यजनक रूप से 1,638 कार्ड हैं। क्रेडिट कार्ड के प्रति उनका जुनून सिर्फ़ संग्रह से कहीं बढ़कर है, क्योंकि उन्हें यात्रा और खरीदारी जैसे कई तरह के इनाम मिलते हैं।
मनीष धमेजा जो क्रेडिट कार्ड के लिए जीता और सांस लेता है (फोटो: canva)
जब ज़्यादातर लोग एक या दो क्रेडिट कार्ड रखने के लिए संघर्ष करते हैं, वहीं हैदराबाद के मनीष धमेजा ने अपने क्रेडिट कार्ड के प्रति प्रेम को वर्ल्ड रिकॉर्ड में बदल दिया है। जी हां, आपने सही पढ़ा, धमेजा के नाम वैध क्रेडिट कार्डों के सबसे बड़े संग्रह का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है, जिसमें उनके पास कुल 1,638 कार्ड हैं!
आधिकारिक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स वेबसाइट के अनुसार, धमेजा ने 30 अप्रैल 2021 को यह अविश्वसनीय उपलब्धि हासिल की, जिससे हैदराबाद, तेलंगाना का नाम रिकॉर्ड धारकों के ग्लोबल मानचित्र पर गर्व से दर्ज हो गया।
एक ऐसा शख्स जो Credit Cards के लिए जीता और सांस लेता है
धमेजा के लिए, क्रेडिट कार्ड सिर्फ़ प्लास्टिक भुगतान का ज़रिया नहीं, बल्कि जिंदगी जीने का एक तरीका हैं। गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से बात करते हुए, उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि क्रेडिट कार्ड के बिना मेरी ज़िंदगी अधूरी थी। मुझे क्रेडिट कार्ड बहुत पसंद हैं।'
उनका जुनून सिर्फ पैसे इकट्ठा करने तक सीमित नहीं
उनका जुनून सिर्फ़ पैसे इकट्ठा करने तक सीमित नहीं है वह कार्ड के साथ मिलने वाले हर फ़ायदे का आनंद लेते हैं। उन्होंने गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स को बताया, 'मुझे मुफ़्त यात्रा, रेलवे लाउंज, एयरपोर्ट लाउंज, खाना, स्पा ट्रीटमेंट, होटल वाउचर, घरेलू उड़ान टिकट, शॉपिंग वाउचर, मूवी टिकट और बहुत कुछ पसंद है, मैं माइलस्टोन हासिल करके और रिवॉर्ड पॉइंट्स, एयर माइल्स और कैशबैक का इस्तेमाल करके बहुत कुछ करता हूं।' धमेजा का उत्साह दर्शाता है कि कैसे उन्होंने जिसे कई लोग एक साधारण वित्तीय साधन मानते हैं, उसे एक आकर्षक संग्रह और जीवनशैली में बदल दिया।
'क्रेडिट कार्ड ने मेरे जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई'
क्रेडिट कार्ड के प्रति अपने जुनून को याद करते हुए, धमेजा ने एक बड़े मोड़ की ओर इशारा किया, जो था भारत में 2016 में हुई नोटबंदी। 'मुझे 8 नवंबर 2016 का वह दिन याद है, जब भारत सरकार ने 500 और 1000 रुपये के सभी नोटों को बंद करने की घोषणा की थी। इस फैसले से भारत में भारी अफरा-तफरी मच गई थी और हर कोई बैंकों के सामने लंबी-लंबी कतारों में इंतज़ार कर रहा था,' उन्होंने कहा।जहाँ कई लोग नकदी के लिए संघर्ष कर रहे थे, वहीं धमेजा को अपने कार्डों से राहत मिली। उन्होंने याद किया कि 'उस समय, क्रेडिट कार्ड ने मेरे जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मुझे बैंक में नकदी के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ी और मैं क्रेडिट कार्ड के ज़रिए डिजिटल रूप से पैसे खर्च करने का आनंद ले रहा था।'
