शिमला : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 54,928 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि राज्य को मिलने वाले राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) को बंद करने से सालाना 8,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होगा। राजस्व घाटा अनुदान राज्य के राजस्व और खर्चों के बीच के अंतर को पाटने के लिए केंद्र द्वारा दी जाने वाली एक वित्तीय सहायता है। इसे चालू महीने की शुरुआत में बंद कर दिया गया था।
हिमाचल प्रदेश का 2026-27 का बजट पेश (फोटो-Twitter)
विपक्ष का हंगामा
सुक्खू के बजट भाषण के दौरान विपक्षी भाजपा सदस्यों ने जमकर नारेबाजी की और व्यवधान डाला। यह हंगामा तब शुरू हुआ जब मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे राजस्व घाटा अनुदान बंद होने के मुद्दे पर राज्य का साथ नहीं दे रहे हैं, जिससे राज्य के बजट पर असर पड़ा है और सालाना 8,105 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि इतिहास उन्हें कभी माफ नहीं करेगा।’’ इस पर भाजपा सदस्यों ने तत्काल तीखी प्रतिक्रिया दी।
PTI/ भाषा के हवाले से राज्य में यह पहली बार है जब बजट के आकार में कटौती की गई है। चालू वित्त वर्ष के 58,514 करोड़ रुपये के मुकाबले इसे घटाकर 54,928 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो 3,586 करोड़ रुपये की कमी है।
उत्तराखंड-असम से हिमाचल की तुलना क्यों?
अपना चौथा बजट पेश कर रहे सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की तुलना उत्तराखंड और असम से करना गलत है क्योंकि हिमाचल जल और वन जैसे सीमित संसाधनों वाला एक पहाड़ी राज्य है। उन्होंने कहा कि हिमाचल उत्तर भारत का फेफड़ा है और इसे ’हरित बोनस’ मिलना चाहिए, लेकिन इसके बजाय राज्य का राजस्व घाटा अनुदान बंद कर दिया गया है। दुनिया भर के संघर्षों का असर अब राज्य पर भी पड़ने लगा है और अमेरिका-इजरायल तथा ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण एलपीजी की कीमतें बढ़ रही हैं। चालू वित्त वर्ष के लिए राज्य में 8.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज होने की उम्मीद है, जबकि प्रति व्यक्ति आय 9.8 प्रतिशत बढ़कर 2,83,626 रुपये हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कांगड़ा में एक एयरोसिटी विकसित करने की योजना और जिले में हवाई अड्डा बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु 3,300 करोड़ रुपये के प्रावधान की भी घोषणा की। राज्य ने दूध खरीद मूल्य में भी 10 रुपये की बढ़ोतरी की है, जिसके तहत अब गाय का दूध 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस का दूध 71 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जाएगा। सुक्खू ने मछलियों के लिए 100 रुपये प्रति किलोग्राम का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित किया, जिससे राज्य के 6,000 से अधिक मछुआरों को लाभ होगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में एक किसान आयोग और महिला पर्यटन कोष का गठन किया जाएगा।
