दिल्ली-एनसीआर में लगातार बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी का असर अब इंसानों के साथ-साथ पक्षियों और जानवरों पर भी पड़ रहा है। शुक्रवार को संजय झील में मछलियों की मौत के बाद शनिवार को कबूतरों के बेहोश होकर गिरने की खबर सामने आई, जबकि चील और अन्य पक्षी सड़कों किनारे बेसुध हालत में मिल रहे हैं। पशु चिकित्सकों और पशु बचाव संगठनों का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और संक्रमण से जुड़े मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिसके पशु-पक्षी शिकार हो रहे हैं।
दिल्ली में गर्मी से पशु-पक्षी प्रभावित (फोटो-AI)
दिल्ली के कई हिस्सों पर तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। गर्म हवाओं और शुष्क मौसम के कारण पक्षियों और आवारा जानवरों की हालत खराब हो रही है। दिल्ली-एनसीआर के अभय दानम बर्ड एंड एनिमल हॉस्पिटल के एक डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल में रोज करीब 20 पक्षियों को गर्मी से जुड़ी बीमारियों के कारण लाया जा रहा है, जो पहले की तुलना में लगभग 50 प्रतिशत अधिक है।
पिजन पॉक्स बीमारी फैलने की आशंका
उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा कबूतर आ रहे हैं, जिनमें ‘पिजन पॉक्स’ नाम की बीमारी तेजी से फैल रही है। यह बीमारी अत्यधिक गर्मी और गंदगी के कारण बढ़ती है। इसके अलावा गाय, घोड़े और अन्य पक्षी भी डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक की हालत में लाए जा रहे हैं।
शाहदरा और चांदनी चौक इलाके में काम करने वाले एक अन्य पशु चिकित्सक ने बताया कि उनके पास रोजाना 70 से 80 मामले पहुंच रहे हैं। इनमें कबूतर, चील और बाज जैसे पक्षी शामिल हैं। कई पक्षी बेहोशी की हालत में लाए जाते हैं, जिन्हें ORS और फ्लूइड देकर बचाने की कोशिश की जाती है। कुछ मामलों में पक्षियों की हालत इतनी गंभीर होती है कि उन्हें बचाना मुश्किल हो जाता है।
पशु कल्याण संस्था ‘पीपल फॉर एनिमल्स’ की मंता सिद्धू ने बताया कि गर्मी के कारण कचरा जल्दी सड़ने लगता है। आवारा कुत्ते और अन्य जानवर जब खराब खाना खा लेते हैं तो उन्हें पेट संबंधी संक्रमण और फूड टॉक्सिसिटी हो जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों के बाहर पानी के बर्तन और छांव की व्यवस्था करें।
वहीं ‘विद्यासागर जीव दया परिवार’ संस्था के अभिषेक जैन ने बताया कि उनकी टीम को रोज करीब 40 कॉल्स मिल रही हैं। इनमें अधिकतर पक्षी हीट स्ट्रोक और पानी की कमी से बेहोश मिले हैं। उन्होंने कहा कि चील जैसे पक्षियों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है, क्योंकि उन्हें आसानी से पानी नहीं मिल पाता।
संस्था ने गर्मी से पक्षियों और जानवरों को बचाने के लिए 10 हजार मिट्टी के पानी के बर्तन मुफ्त बांटने का अभियान भी शुरू किया है। संस्था के अध्यक्ष अमित जैन ने कहा कि लोग अगर अपने घरों के बाहर साफ पानी रखें तो हजारों पक्षियों और जानवरों की जान बच सकती है।
अधिकांश पक्षी गर्म मौसम के अभ्यस्त
‘बर्ड काउंट इंडिया’ से जुड़े पंकज गुप्ता ने बताया कि दिल्ली के अधिकांश पक्षी गर्म मौसम के अभ्यस्त हैं, लेकिन तेजी से हो रहे शहरीकरण, कम होती हरियाली और सूखते जल स्रोतों ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे छांव वाली जगह पर साफ पानी रखें और उसे दिन में कम से कम दो बार बदलें, ताकि पक्षियों को राहत मिल सके। पशु चिकित्सकों और पशु कल्याण संगठनों ने लोगों से अपील की है कि वे गर्मियों में अपनी छत, बालकनी और घर के बाहर मिट्टी के बर्तन में पानी रखें, ताकि पक्षी और आवारा जानवर इस भीषण गर्मी में जीवित रह सकें।
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