Sonipat News: हरियाणा के सोनीपत में एक खूंखार पिटबुल नस्ल के कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए 7 महीने के मासूम बच्चे की हालत में अब सुधार है। रोहतक स्थित 'पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज' (PGIMS) में सफल सर्जरी के बाद बच्चे की हालत स्थिर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है।
7 महीने के बच्चे पर पिटबुल ने बोला था हमला
'पेट पर सीधा हमला, बाहर आ गई थीं आंतें'- डॉ. कुंदन मित्तल
PGIMS रोहतक के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. कुंदन मित्तल ने न्यूज एजेंसी ANI को बच्चे की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि बच्चे को 14 तारीख को बेहद गंभीर हालत में हमारे पास लाया गया था। उसके पेट पर कुत्ते ने सीधा हमला किया था, जिससे उसकी आंतें बाहर आ गई थीं। यह चोट बेहद खतरनाक थी और तुरंत सर्जरी की आवश्यकता थी। डॉ. मित्तल ने आगे बताया कि सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी है।
अब कैसा है बच्चा
बच्चा अब खतरे से बाहर है और स्थिर है। बच्चे को एंटीबायोटिक्स दी जा रही हैं और नली के जरिए दूध देना शुरू कर दिया गया है। बच्चे के चेहरे और पीठ पर भी चोट के निशान हैं, लेकिन पेट की चोट सबसे ज्यादा क्रिटिकल थी। धीरे-धीरे रिकवरी होने पर उसे सामान्य आहार दिया जाएगा।
पिता ने कहा- ऐसी नस्ल पर लगे बैन
मासूम के पिता कैलाश ने ANI से बात करते हुए घटना की पूरी सच्चाई बताई। उन्होंने कहा कि उन्हें कुत्ते के मालिक से कोई गिला या शिकायत नहीं है, बच्चा पास में ही खेल रहा था और मेरी छोटी बहन उसकी देखभाल कर रही थी। कुत्ते का मालिक भी बच्चे के साथ दुलार कर रहा था। तभी अचानक उनके बच्चों ने घर का गेट खोल दिया और पिटबुल बाहर आकर सीधे बच्चे पर टूट पड़ा। कैलाश ने आगे कहा कि घटना के वक्त कुत्ते का मालिक हमारे साथ खड़ा रहा और उसने अस्पताल ले जाने में हमारी पूरी मदद की। हम उनके खिलाफ कोई पुलिस कार्रवाई नहीं चाहते। हम डॉक्टरों और प्रशासन से सिर्फ अपने बच्चे के बेहतरीन इलाज की गुजारिश करते हैं। हमारी मांग है कि सरकार इस पिटबुल नस्ल के कुत्तों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए ताकि जो भयानक हादसा हमारे बच्चे के साथ हुआ, वह किसी और परिवार के साथ न हो।
