Haryana Power Crisis: हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से हाहाकार, गुरुग्राम, फरीदाबाद और नूंह में ब्लैकआउट जैसे हालात

Haryana Power Crisis: हरियाणा में बिजली वितरण के निजीकरण के विरोध में 22 से 24 अक्टूबर तक बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल और नूंह में बिजली और पानी का भारी संकट पैदा हो गया है।

Haryana Power Crisis: हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) द्वारा गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली वितरण का जिम्मा निजी कंपनी को सौंपने के फैसले के विरोध में बिजली निगम के कर्मचारियों ने 22 से 24 अक्टूबर तक तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल का सबसे भयावह असर एनसीआर के प्रमुख शहरों गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल और नूंह (मेवात) में देखने को मिल रहा है। रात 11 बजे से ही कई इलाकों में बिजली गुल होने के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है और कई क्षेत्रों में अंधेरा छा जाने से ब्लैकआउट जैसी स्थिति बन गई है।

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अंधेरे में डूबे इलाके

गुरुग्राम: बिजली संकट से गुस्साए ग्रामीणों ने किया चक्का जाम

गुरुग्राम के भीमगढ़ खेड़ी इलाके में रात 11 बजे से ही बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। लगातार 18 घंटे से अधिक समय से बिजली न आने और बिजली विभाग (DHBVN) के अधिकारियों द्वारा फोन रिसीव न किए जाने से नाराज ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। भीमगढ़ खेड़ी के सैकड़ों ग्रामीणों ने एकत्रित होकर दौलताबाद फ्लाईओवर पर धरना दे दिया और यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया। जाम की सूचना मिलते ही एसीपी क्राइम धर्मवीर शर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और उग्र ग्रामीणों को समझा-बुझाकर स्थिति संभालने में जुट गए। ग्रामीणों की मांग है कि इलाके में तुरंत बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल की जाए।

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