Haridwar Crime: उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से एक बेहद दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है। स्कूल की छुट्टी के बाद अपने घर लौट रहा 14 वर्षीय मासूम छात्र रवासन नदी पार करते समय पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गया और बह गया। गुरुवार को हुई इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। शुक्रवार को पुलिस, जल पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों के संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान छात्र का शव नलोवाला कक्ष के पास नदी से बरामद किया गया।
हरिद्वार में दर्दनाक हादसा
मिली जानकारी के मुताबिक, रसूलपुर गांव का रहने वाला आर्यन भट्ट (14) पुत्र मंगलेश भट्ट गुरुवार दोपहर करीब 1:30 बजे स्कूल की छुट्टी होने के बाद अपने सहपाठी के साथ घर के लिए निकला था। काली मंदिर के रास्ते दोनों रवासन नदी के किनारे पहुंचे। सहपाठी आर्यन को नदी तट पर छोड़कर वापस चला गया, जिसके बाद आर्यन अकेले ही नदी पार करने लगा। जैसे ही वह नदी के बीच मझधार में पहुंचा, पानी के अचानक बढ़े तेज बहाव ने उसे संभाल का मौका नहीं दिया और वह बह गया।
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पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन
देर शाम तक जब आर्यन घर नहीं लौटा तो परिजनों की चिंता बढ़ी और उन्होंने संभावित जगहों पर उसकी तलाश शुरू की। कोई सुराग न मिलने पर नदी में बहने की आशंका जताई गई। इसके बाद शुक्रवार सुबह एसओ नितेश शर्मा की अगुवाई में जल पुलिस की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें आर्यन का बेजान शरीर बरामद हुआ। पिता मंगलेश भट्ट वन विभाग में दिहाड़ी मजदूर हैं। आर्यन दो बहनों का इकलौता भाई था, जिसकी मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
गांव में पसरा मातम
इस हादसे ने इलाके के इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रवासन नदी पर मीठीबेरी गांव के पास करीब 300 मीटर लंबा पुल बना हुआ है, लेकिन रसूलपुर के लोग दूरी ज्यादा होने के कारण पुल की बजाय सीधे उफनती नदी पार करने को मजबूर हैं। इसी शॉर्टकट के चक्कर में ग्रामीणों को हर दिन जान जोखिम में डालनी पड़ती है, जिसका खामियाजा एक मासूम को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा।
