हनुमान को महाबली मानते तो हैं, लेकिन पूजा नहीं करते यहां के लोग; समझते हैं दुश्मन

आज हनुमान जयंती है। इस अवसर पर जहां देशभर में श्रद्धालु बजरंगबली की पूजा कर रहे हैं, वहीं हमारे देश में एक ऐसा गांव भी है, जहां महाबली हनुमान को दुश्मन माना जाता है। यहां के लोग हनुमान की पूजा नहीं करते और अगर कोई नाम भी लेता है तो उसे बिरादरी से बाहर कर दिया जाता है। चलिए जानते हैं उस गांव के बारे में।

आज हनुमान जयंती मनाई जा रही है। मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी हुई हैं। इस अवसर पर कई जगह शोभा यात्राएं निकलती हैं। हनुमान को कलयुग का एकमात्र जाग्रत देवता माना जाता है। लोग हनुमान से मन्नतें मांगते हैं। हनुमान हर संकट और कष्ट को हरने वाले हैं। उन्होंने त्रेतायुग में भगवान राम के संकट हर लिए थे, फिर कलयुग में अपने भक्तों के छोटे-मोटे संकट क्या चीज हैं। आज हम आपके लिए एक ऐसे गांव की कहानी लेकर आए हैं, जो हनुमान को महाबली तो मानता है, लेकिन उनकी पूजा नहीं की जाती। इस गांव के लोग न सिर्फ हनुमान की पूजा से दूर रहते हैं, बल्कि उन्हें अपना दुश्मन भी समझते हैं। अगर आप समझ रहे हैं कि यह गांव लंका में होगा तो आप गलत हैं। चलिए जानते हैं उस गांव के बारे में।

भगवान हनुमान को दुश्मन समझते हैं इस गांव के लोग

भगवान हनुमान को दुश्मन समझते हैं इस गांव के लोग

कहां है वो गांव, जहां हनुमान को दुश्मन समझते हैं

अब आप भी सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा कौन सा गांव होगा, जो भक्त शिरोमणि श्री हनुमान की पूजा नहीं करता, बल्कि उन्हें अपना दुश्मन समझता है। बता दें कि यह गांव देवभूमि उत्तराखंड में मौजूद है। यह गांव देवभूमि के उस जिले में मौजूद है, जो चारधाम यात्रा के लिए मशहूर है। जी हां, महाबली हनुमान को दुश्मन समझने वाला यह गांव चमोली जिले में मौजूद है।

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