Vrindavan News: फिल्मी दुनिया में अपनी अलग पहचान बना रही फिल्म ‘हनुमान अंश’ की निर्माता अनुप्रिया नागर आज यानी बुधवार 9 सितंबर को अपने माता-पिता के साथ वृंदावन पहुंचीं। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बनी इस फिल्म की सफलता के बाद उन्होंने ब्रज के संतों से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान साधु-संतों और धर्माचार्यों ने उनका स्वागत और सम्मानित किया।
‘हनुमान अंश’ की निर्माता अनुप्रिया नागर का वृंदावन में जोरदार स्वागत
अनुप्रिया नागर ने संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचकर उनसे आशीर्वाद लिया। इसके बाद रामायण रिसर्च कॉउन्सिल की ओर से आयोजित रामायणी सम्मान समारोह में भी उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुई।
‘शुरुआत में लगा था फिल्म फ्लॉप हो जाएगी’
पत्रकारों से बातचीत में अनुप्रिया नागर ने फिल्म की सफलता और अपने अनुभव शेयर किए। उन्होंने कहा कि फिल्म के शुरुआती दिनों में सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या कम देखकर उन्हें चिंता हुई थी। उन्हें लगा था कि फिल्म शायद सफल नहीं होगी और जल्द ही सिनेमाघरों से उतर सकती है।
हालांकि, बाद में फिल्म को दर्शकों का समर्थन लगातार मिलता गया। अनुप्रिया ने कहा कि युवा दर्शकों, खासकर Gen Z से फिल्म को काफी प्यार मिला, जिसने इसके सफर को आगे बढ़ाया।
अपनी बचत से फिल्म बनाई
अनुप्रिया नागर के मुताबिक, बाबा नीम करौली महाराज के प्रारंभिक जीवन पर आधारित इस फिल्म को बनाने की प्रेरणा उन्हें उनकी कथा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने से मिली। उन्होंने बताया कि फिल्म निर्माण के लिए उन्होंने अपनी बचत का इस्तेमाल किया।
उन्होंने फिल्म के दौरान मिले आध्यात्मिक अनुभवों के बारे में भी बताया और इन्हें हनुमान जी की कृपा बताया। अनुप्रिया ने कहा कि वह स्वयं भी हनुमान जी की भक्त हैं और फिल्म को मिली सफलता को वह ईश्वर का आशीर्वाद मानती हैं।
संतों से मुलाकात खास अनुभव
वृंदावन यात्रा के दौरान संत प्रेमानंद महाराज से दोबारा मुलाकात को भी अनुप्रिया नागर ने अपने लिए खास अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म की सफलता में पूरी टीम और दर्शकों का योगदान है।
फिल्म ‘हनुमान अंश’ बाबा नीम करौली महाराज के जीवन के शुरुआती दौर और उनके आध्यात्मिक सफर से जुड़े प्रसंगों पर केंद्रित है। वृंदावन में हुए सम्मान समारोह के दौरान फिल्म निर्माता ने संतों का आभार जताया। इसके साथ ही उन्होंने आगे भी भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं और प्रेरक कथाओं से जुड़े विषयों पर काम करने की इच्छा व्यक्त की।
