'तब न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, न हस्तशिल्पी'... 'बबुआ' नहीं चाहते थे UP का विकास; हैंडलूम डे पर अखिलेश पर बरसे योगी

हथकरघा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि साल 2017 से पहले प्रदेश में बिजली, सड़क और कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब थी। उन्होंने कहा कि तब न बेटियां सुरक्षित थीं, न व्यापारी, न हस्तशिल्पी और न ही कारीगर।

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर सभी बुनकरों, हस्तशिल्पियों, कारीगरों और उद्यमियों को शुभकामनाएं देते हुए शुक्रवार को कहा कि स्वदेशी आंदोलन ने ही भारत के स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा प्रदान की थी। लखनऊ में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में उत्कृष्ट बुनकरों को ’संत कबीर राज्य स्तरीय हथकरघा पुरस्कार’ से सम्मानित करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि के बाद वस्त्र उद्योग सबसे अधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाला क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में संत कबीर के नाम पर पांच वस्त्र पार्क स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।

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बुनकरों से मिलते सीएम योगी आदित्यनाथ (फोटो-@myogiadityanath)

योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी की 'डबल इंजन' सरकार ने हस्तशिल्पियों और कारीगरों को विशेष महत्व दिया है। उन्होंने 2017 से पहले की सरकारों, विशेष रूप से समाजवादी पार्टी सरकार पर इस वर्ग की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। यह काम 2017 से पहले और 2014 से पहले भी हो सकता था, लेकिन इसके लिए दूरदृष्टि चाहिए। जहां हर काम को केवल वोट के नजरिये से देखा जाता है, वहां गरीबों, कारीगरों और हस्तशिल्पियों का सम्मान पीछे छूट जाता है।

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