क्या नासिर-जुनैद की हत्या का नतीजा है नूंह दंगा? 6 महीने से सुलग रहा था शहर

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Aug 3, 2023, 11:37 AM IST

नूंह हिंसा में अब तक छह लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। हिंसा के दौरान धार्मिक स्थलों को भी निशाना बनाया गया। सैकड़ों वाहनों और कई दुकानों को दंगाइयों ने आग के हवाले कर दिया।

Haryana Nuh Violence: हरियाणा का नूंह सांप्रदायिक हिंसा की आग में जल रहा है। इसी साल फरवरी में हुई नासिर-जुनैद की हत्या से इसके तार जुड़ रहे हैं। इन दोनों की हत्या आरोप हिंदूवादी संगठन से जुड़े लोगों पर लगा था। तब पुलिस ने धरपकड़ करते हुए कुछ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था। लेकिन मुख्य आरोपी मोनू मानेसर फरार हो गया था। तभी नूंह में एक समुदाय के लोगों में गुस्सा पनप रहा था। उन्होंने कई बार इसे लेकर धरना-प्रदर्शन भी किया था। नासिर-जुनैद पर गौ-तस्करी का शक था और आरोपियों ने दोनों की हत्या कर दी थी।

16 फरवरी को हुई थी हत्या

नासिर और जुनैद के परिजनों ने 15 फरवरी 2023 को राजस्थान स्थित भरतपुर के गोपालगढ़ थाने में दोनों की गुमशुदगी की शिकायत दी थी। इन्होंने दोनों के अपहरण की आशंका जाहिर करते हुए शिकायत दी थी। पुलिस इसकी जांच कर ही रही थी कि 16 फरवरी की सुबह लोहारू के गांव बारवास की बणी में जली हुई एक कार के अंदर पुलिस को दो जले हुए शव मिले थे। जांच के बाद दोनों कंकाल की पहचान नासिर और जुनैद के रूप में हुई। दोनों की हत्या का आरोप मोनू मानेसर, श्रीकांत सहित करीब 20 लोगों पर लगा। इसके बाद से ही तनातनी बढ़ने लगी थी। आखिरकार नूंह में धार्मिक जूलूस पर पथराव और फिर बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के रूप में इसकी परिणीति हुई।

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