Surat Jewellery Unit Accident: गुजरात के सूरत शहर के खांड बाजार इलाके में स्थित एक ज्वेलरी यूनिट में शनिवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। ज्वेलरी प्रोसेसिंग से निकलने वाले रासायनिक अपशिष्ट के लिए बने अंडरग्राउंड ETP (Effluent Treatment Plant) टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से चार मजदूरों की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन की आशंका जताई गई है।
FSL जांच से सामने आएगी मौत की असली वजह
घटना चौर्यासी डेयरी के पास स्थित रतिह ज्वेलर्स (ETP Tank Tragedy) में हुई। सुबह करीब 10:22 बजे फायर कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि एक व्यक्ति टैंक चैंबर में फंस गया है। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड को पता चला कि एक नहीं, बल्कि चार लोग चैंबर के अंदर बेहोश पड़े हैं। जानकारी के मुताबिक, सबसे पहले योगेश नानाभाई जादव टैंक की सफाई के लिए अंदर उतरे थे।
उनके बेहोश होने पर उन्हें बचाने के लिए विकास कुमार संतोषभाई सोनावणे और विजय भीखाभाई आहिरे अंदर गए। जब तीनों बाहर नहीं आए तो सुपरवाइजर निमेष विठ्ठलभाई सावलिया (26) ने फायर विभाग को सूचना दी और खुद भी उन्हें बचाने के लिए टैंक में उतर गए। जहरीली गैस के असर से वह भी बेहोश हो गए। फायर कर्मियों ने ऑक्सीजन उपकरणों की मदद से चारों को बाहर निकालकर तत्काल स्मीमेर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।
मृतकों की पहचान
- निमेष विठ्ठलभाई सावलिया (26) - सुपरवाइजर
- विकास कुमार संतोषभाई सोनावणे (24)
- विजय भीखाभाई आहिरे (24)
- योगेश नानाभाई जादव
बिना PPE किट और सुरक्षा उपकरणों के कराया जा रहा था काम
वराछा जोन-ए के डिविजनल फायर ऑफिसर ने बताया कि प्राथमिक जांच में मौके पर किसी भी मजदूर के पास PPE किट, ऑक्सीजन सिलेंडर, सेफ्टी मास्क या अन्य सुरक्षा उपकरण नहीं मिले। आसपास भी कोई सुरक्षा सामग्री मौजूद नहीं थी। फायर विभाग का मानना है कि टैंक के भीतर मौजूद जहरीली गैस के कारण मजदूर बेहोश हो गए और बाहर नहीं निकल सके। पुलिस के अनुसार, ज्वेलरी प्रोसेसिंग के दौरान निकलने वाला रासायनिक अपशिष्ट इस ETP टैंक में एकत्र किया जाता था।
टैंक की नियमित सफाई के लिए बाहरी मजदूरों को बुलाया गया था। सफाई के दौरान ही यह हादसा हुआ। सूरत के डीसीपी आलोक कुमार ने बताया कि घटना की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी। FSL टीम टैंक से नमूने लेकर यह पता लगाएगी कि मौत जहरीली गैस, रासायनिक प्रतिक्रिया या किसी अन्य कारण से हुई। पुलिस फैक्ट्री परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि यह पता चल सके कि मजदूर टैंक में किस परिस्थिति में उतरे और सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।
अधिकारियों का कहना है कि जांच में यह भी देखा जाएगा कि कंपनी ने गुजरात सरकार और फैक्ट्री एक्ट के तहत निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया था या नहीं। यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में यह मामला औद्योगिक सुरक्षा में गंभीर चूक का प्रतीत हो रहा है। फिलहाल पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
