Gujarat Rain Today: गुजरात में मूसलाधार बारिश का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। दक्षिण गुजरात के कई हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश से बनी बाढ़ जैसी स्थिति के बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए अगले 3 घंटे का 'नाउकास्ट' (Nowcast) जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और बिजली चमकने के समय खुले स्थानों या पेड़ों के नीचे जाने से बचें।
IMD ने जारी किया अलर्ट
अगले 3 घंटे: किन जिलों में कितना खतरा?
भारी बारिश का रेड अलर्ट: बनासकांठा, पाटन और कच्छ जिलों में 15 मिमी प्रति घंटा से अधिक की रफ्तार से भारी बारिश हो सकती है। यहां 41 से 61 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और 30% से 60% तक बिजली गिरने का खतरा जताया गया है।
मध्यम बारिश और अंधड़: मेहसाणा, गांधीनगर, अहमदाबाद, सुरेंद्रनगर, मोरबी, राजकोट, बोटाद, अमरेली, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, दीव, छोटा उदेपुर, नर्मदा, सूरत, तापी, डांग, नवसारी, वलसाड, दमन और दादरा एवं नगर हवेली में गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश होने का अनुमान है।
हल्की बारिश: साबरकांठा, अरावली, महीसागर, दाहोद, पंचमहल, वडोदरा, खेड़ा, आनंद, भरूच, भावनगर, जामनगर, देवभूमि द्वारका और पोरबंदर में हल्की फुहारें पड़ सकती हैं।
उंबरगांव में 906 मिमी बारिश का रिकॉर्ड, नदियां-नाले उफान पर
अत्यधिक जलभराव के कारण अहमदाबाद-विरमगाम हाईवे को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। साणंद से विरमगाम या विरमगाम से साणंद जाने वाले किसी भी वाहन के लिए इस मार्ग पर चलना सुरक्षित नहीं है। इसलिए, फिलहाल एहतियातन पूरे हाईवे को बंद किया गया है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के आंकड़ों के मुताबिक, हालिया बारिश में सबसे भीषण तबाही उंबरगांव में देखी गई, जहां अकेले 906 मिमी रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा कपराडा में 731 मिमी, नानापोंधा में 643 मिमी, धरमपुर में 499 मिमी, पारडी में 448 मिमी, वांसदा में 435 मिमी, वापी में 413 मिमी और वलसाड शहर में 403 मिमी बारिश हुई है। तापी के डोलवन (378 मिमी) और डांग के वघई (369 मिमी) में भी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। लगातार घंटों हुई इस अति-वृष्टि से नदियां-नाले उफान पर हैं। सड़कों पर कई फीट पानी भरने से गाड़ियां फंस गईं और कई स्थानों पर रेलवे ट्रैक जलमग्न होने से ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।
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आखिर क्यों हो रही है इतनी ज्यादा बारिश?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अरब सागर से उठकर आ रही लगातार नमी वाली हवाओं और गुजरात के ऊपर टिके मजबूत दक्षिण-पश्चिम मानसून के कारण यह स्थिति बनी है। पश्चिमी भारत के ऊपर बना वेदर सिस्टम काफी समय तक एक ही जगह पर स्थिर रहा, जिससे बादलों ने एक ही इलाके में लगातार घंटों तक भारी पानी बरसाया। यही वजह रही कि कुछ ही घंटों के भीतर दक्षिण गुजरात के जिलों में जलप्रलय जैसे हालात बन गए।
