Gujarat Flood: गुजरात में हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में जलभराव और बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई। इस आपदा के बीच राहत-बचाव कार्य एक उदाहरण सामने आया है। वलसाड जिले में औरंगा नदी के पास उफान के कारण पुल पर फंसे तीन लोगों को फायर ब्रिगेड की टीम ने समय रहते सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। दूसरी ओर, बारिश से प्रभावित सड़कों को दुरुस्त करने के लिए गुजरात सरकार के मार्ग एवं मकान विभाग ने युद्धस्तर पर काम करते हुए महज कुछ ही घंटों के भीतर यातायात व्यवस्था को पटरी पर लौटा दिया है।
24-48 घंटे में बहाल हुईं 94 फीसदी सड़कें (फाइल फोटो)
औरंगा नदी के पास पुल पर फंसे थे 3 लोग
वलसाड जिले के डिप्टी डीएम विमल पटेल के अनुसार, तीन स्थानीय नागरिक वलसाड शहर को एक नजदीकी गांव से जोड़ने वाले पुल पर गए हुए थे। इसी दौरान आसपास का इलाका बाढ़ के पानी से घिर गया।
मामले की जानकारी देते हुए अधिकारी ने बताया कि हमें कंट्रोल रूम में डिस्ट्रेस कॉल प्राप्त हुई थी कि 3 लोग पुल पर फंसे हुए हैं। हालांकि पुल पर पानी नहीं था, लेकिन चारों तरफ बाढ़ का पानी भर जाने के कारण वे कट गए थे। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
मूसलाधार बारिश से 1,540 सड़कें हुई थीं प्रभावित
23 जुलाई से 27 जुलाई के दौरान गुजरात के विभिन्न जिलों में हुई मुसलाधार बारिश से सड़क बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। जलभराव और बाढ़ के पानी के ओवरफ्लो होने के कारण सुरक्षा के लिहाज से राज्यभर में कुल 1,540 सड़कों को बंद करना पड़ा था। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के निर्देश पर मार्ग एवं मकान विभाग ने बिना समय गंवाए त्वरित बहाली अभियान चलाया।
94% सड़कें रिकॉर्ड समय में फिर से खुलीं
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, विभाग के त्वरित प्रयासों से राज्य की बंद 1,540 सड़कों में से 1,451 सड़कों (लगभग 94%) की मरम्मत कर उन्हें सामान्य यातायात के लिए फिर से खोल दिया गया है।
दक्षिण गुजरात में बारिश का असर सबसे ज्यादा था, जहां 1,251 सड़कें बंद हुई थीं। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद विभाग ने 1,187 सड़कों पर 24 से 48 घंटे के भीतर यातायात बहाल कर दिया। वर्तमान में इस क्षेत्र की 98% से अधिक सड़कें चालू हैं।
फोर-पिलर स्ट्रेटजी और 1400 से अधिक कर्मियों की तैनाती
विभाग ने 'फोर-पिलर स्ट्रेटजी' अपनाकर 24 घंटे काम किया। 145 तकनीकी अधिकारियों और 1,316 फील्ड स्टाफ सहित 1,400 से अधिक कर्मियों को चौबीसों घंटे तैनात किया गया। मलबे को हटाने और सड़क के कटाव को ठीक करने के लिए 300 से अधिक भारी वाहन, जिनमें 195 जेसीबी (JCB), 86 ट्रैक्टर और 59 डंपर शामिल हैं, मैदान में उतारे गए। प्रशासन की इस मुस्तैदी के कारण राज्य में आवश्यक सेवाओं और नागरिक आवागमन को तुरंत सुचारू बनाया जा सका।
