उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा में लोगों को कल यानी 1 अप्रैल 2025 से महंगाई का एक और झटका लगने वाला है। ग्रेटर नोएडा में मंगलवार से पानी 10 फीसद महंगा हो जाएगा। प्राधिकरण ने पानी की दरों में बढ़ोतरी का ऑफिस ऑर्डर जारी कर दिया है। पानी की दरों में इस बढ़ोतरी का असर आवासीय और औद्योगिक सेक्टरों सहित सभी श्रेणी के आवंटियों पर पड़ेगा। यानी 1 अप्रैल से उन्हें पानी के लिए 10 फीसद अतिरिक्त चार्ज चुकाना होगा।
ग्रेटर नोएडा में महंगा हुआ पानी
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अपने कार्यालय आदेश में कहा है कि आवासीय , संस्थागत, औद्योगि, व्यावसायिक, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी, बिल्डर्स और आईटी प्लॉटों को पानी की आपूर्ति के लिए 2025-26 की नई दरें लागू कर दी गई हैं। यह नई दरें 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी मानी जाएंगी। प्राधिकरण ने पानी की नई दरों में 10 फीसद की बढ़ोतरी की है।
ज्ञात हो कि ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी प्लॉट के क्षेत्रफल के हिसाब से पानी का बिल वसूलता है। दैनिक हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार सबसे कम बिल 60 वर्ग मीटर के भूखंड के लिए वसूला जाएगा जो 2280 रुपये होगा। इसी तरह से भूकंड के आकार के अनुसार बिल की राशि बढ़ती जाएगी।
बता दें कि प्राधिकरण ने साल 2013 में निर्णय लिया गया था कि हर साल पानी के बिल में 10 फीसद की बढ़ोतरी होगी। 27 मई 2013 को प्राधिकरण की 95वीं बोर्ड बैठक में यह फैसला लिया गया था। प्राधिकरण की बोर्ड बैठक के उस निर्णय के अनुसार ही हर साल की तरह इस साल भी पानी की दरों में वृद्धि की जा रही है।
साल 2013 से अब तक 12 बार ग्रेटर नोएडा में पानी की दरों में बढ़ोतरी हो चुकी है। हर साल होती पानी की दरों में बढ़ोतरी के चलते आवासीय श्रेणी के आवंटियों पर बिल का बोझ बढ़ता जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल 10 फीसद बढ़ोतरी का निर्णय सही नहीं है। RWA और अन्य सामाजिक संगठनों के जरिए इसके खिलाफ आवाज उठायी जा रही है, लेकिन प्राधिकरण के अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।
1 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच पूरे साल का बिल एक साथ जमा कराने पर निवासियों को 5 फीसद छूट का लाभ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से दिया जाता है। हालांकि, जिन लोगों ने साल बीत जाने के बावजूद बिल जमा नहीं करवाया है, उन पर 31 मार्च के बाद पूरी धनराशि पर 11 फीसद व्याज लिया जाएगा।
