UPITS 2025: उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2025) का तीसरा संस्करण सोमवार को भव्य समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ। अंतिम दिन के मुख्य अतिथि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल रहे, जिन्होंने आयोजन की सफलता पर उत्तर प्रदेश सरकार को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश की आर्थिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक क्षमता का प्रतिबिंब है। केंद्रीय मंत्री ने सभी से अपील की कि वे स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करें, उद्यमिता को बढ़ावा दें, और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सामूहिक प्रयास करें। उन्होंने उत्तर प्रदेश में पिछले आठ वर्षों में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्णायक व संवेदनशील नेतृत्व ने प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। आज उत्तर प्रदेश एक ऐसे रनवे पर है जो अनस्टॉपेबल है। सुरक्षित निवेश वातावरण और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ने इसे निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है।
UPITS 2025 (फोटो: UPITS Website)
ट्रॉफी देकर सम्मानित किया सम्मान
इस अवसर पर पीयूष गोयल ने UPPC, ODOP, CM युवा मिशन और IEML की टीमों को आयोजन को सफल बनाने के लिए ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि UPITS 2025 इस मायने में अनोखा है कि इसमें सभी स्टेकहोल्डर्स एक साथ जुड़े हैं। मंच पर उद्योग और सरकार के अधिकारी मौजूद हैं, जबकि मंच के नीचे उद्यमी, निर्यातक, एमएसएमई, महिला उद्यमी और स्टार्टअप प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में उपस्थित हैं। जब सभी मिलते हैं, तो यही परफेक्ट मिक्स बनता है और यही उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का असली राज है। केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हाल ही में घोषित “जीएसटी बचत उत्सव” का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की वस्तुओं पर टैक्स में कमी उपभोक्ताओं के लिए नवरात्रि का बड़ा तोहफा है। उन्होंने यह भी कहा कि 22 सितंबर का दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा, क्योंकि यह स्वतंत्रता के बाद का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार है, जिसका प्रभाव आने वाले दशकों तक महसूस किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने 2014 से पहले की स्थिति की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि UPA सरकार ने देश को भ्रष्टाचार और आर्थिक कुप्रबंधन की भेंट चढ़ा दिया था, और वर्तमान सरकार ने इसे बदलकर विकास और निवेश के अनुकूल माहौल तैयार किया है।
जल्द विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा भारत
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 2014 से पहले भारत की आर्थिक स्थिति चिंताजनक थी। विकास दर मात्र 4 प्रतिशत थी, महंगाई 8-8.5 प्रतिशत पर पहुंच गई थी और विदेशी मुद्रा भंडार कमजोर था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 11 वर्षों की मेहनत से व्यवस्था बदली। अब खदानें, स्पेक्ट्रम और अन्य संसाधन केवल नीलामी के जरिए आवंटित किए जाते हैं, जिससे सरकारी खजाने को राजस्व मिलता है और जनता का विश्वास बढ़ता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही यह तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। विदेशी मुद्रा भंडार में व्यापक वृद्धि हुई है और भारतीय पासपोर्ट अब सम्मान और विश्वास का प्रतीक बन चुका है। दुनिया के विकसित देश भारत के साथ फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति का भी उल्लेख किया। उस समय दहशत और अपराध का माहौल था, व्यापारी असुरक्षित थे, नोएडा के कई प्रोजेक्ट अधूरे थे और फैक्ट्रियां बंद थीं। लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई और निवेशकों का भरोसा लौटा।
1200 से अधिक उत्पादों को वैश्विक पहचान मिली
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 2017 में जनता ने दो तिहाई बहुमत देकर भाजपा की सरकार बनाई, जिससे उत्तर प्रदेश में नया सवेरा और समावेशी विकास की शुरुआत हुई। उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसने निर्यात प्रोत्साहन के लिए अलग मंत्रालय बनाया। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना अब पूरे देश के 750 से अधिक जिलों में पहुंच चुकी है और 1200 से अधिक उत्पादों को वैश्विक पहचान मिली है। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राजदूत अक्सर इन्हीं उत्पादों को उपहार स्वरूप भेंट करते हैं, जिससे उद्यमियों का मनोबल बढ़ा है। केंद्रीय मंत्री ने यूनिटी मॉल योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हर राज्य में यह मॉल बनाए जा रहे हैं और उत्तर प्रदेश में लखनऊ, आगरा और वाराणसी में यूनिटी मॉल स्थापित होंगे। इन मॉल्स में प्रदेश के 75 जिलों और पूरे देश के ODOP उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। यह महिला उद्यमियों और युवाओं के लिए नए अवसरों का मंच बनेगा।
यूपी में 3000 से अधिक नई यूनिट्स स्थापित
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वदेशी अभियान को दोहराते हुए कहा कि अब हम सबको यह संकल्प लेना चाहिए कि जो भी वस्तुएं हम खरीदें, वे यथासंभव स्वदेशी हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वदेशी का अर्थ है वह सामान जो भारत के लोगों के खून-पसीने से बना हो, भारत की मिट्टी में तैयार हुआ हो। कंपनी विदेश की हो सकती है, निवेश विदेश से आ सकता है, टेक्नोलॉजी बाहर से आ सकती है, लेकिन उत्पादन भारत में होना चाहिए और रोजगार भारत के लोगों को मिलना चाहिए। गोयल ने कहा कि पहले प्रदेश में केवल 400-500 नई यूनिट्स स्थापित होती थीं, लेकिन अब उत्तर प्रदेश में इस वर्ष 3000 से अधिक नई यूनिट्स लग रही हैं। यह तभी संभव हुआ जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ नेतृत्व ने उद्योग को प्रोत्साहन दिया और कानून व्यवस्था को मजबूत किया। आज यूपी में स्टार्टअप्स, एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड यूनिट्स और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन मिल रहा है।
UPITS 2025 ने हर किसी को दिया बड़ा प्लेटफॉर्म
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इसी प्रोत्साहन और विश्वास का नतीजा है कि आज ग्लोबल ब्रांड्स उत्तर प्रदेश में निवेश कर रहे हैं। प्रदेश में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे, हवाई अड्डे, जेवर एयरपोर्ट, मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क और इनलैंड वाटरवेज जैसी परियोजनाएँ हकीकत बन रही हैं। गोयल ने कहा कि UPITS 2025 ने हर किसी को एक बड़ा प्लेटफॉर्म दिया है। इस मंच ने उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के कांच, मुरादाबाद का ब्रास, बनारसी साड़ी, लखनऊ की चिकनकारी और आगरा के चमड़े जैसे उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रदर्शनी नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की नई औद्योगिक नीति का जीता-जागता उदाहरण है। जीएसटी दरों में कमी से लोकल कंजंप्शन बढ़ेगा और इसका लाभ प्रदर्शनी के सभी प्रतिभागियों को मिलेगा। समापन समारोह में गोयल ने याद दिलाया कि 11 साल पहले 25 सितंबर 2014 को प्रधानमंत्री मोदी ने मेक इन इंडिया अभियान शुरू किया था, और आज उसी दिन UPITS आयोजित कर इसकी सफलता सुनिश्चित की गई। यह आयोजन कई मायनों में विशेष है- नवरात्रि, जीएसटी बचत उत्सव, स्वदेशी आह्वान, अंत्योदय दिवस और मेक इन इंडिया के 11 वर्ष। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि हम संकल्प लें कि हम स्वदेशी वस्तुओं का प्रयोग करेंगे, ODOP को प्रोत्साहित करेंगे, जीएसटी बचत का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाएंगे और 2047 तक विकसित भारत बनाने में योगदान देंगे।
