दिल्ली की भीड़भाड़ को कम करने और अच्छी लाइफस्टाइल देने के लिए कुछ साल पहले नोएडा के पास एक नए शहर की परिकल्पना की गई। इसके बाद धीरे-धीरे नोएडा एक्सटेंशन के रूप में इस शहर ने आकार भी लेना शुरू कर दिया और इसको आधिकारिक नाम मिला ग्रेटर नोएडा वेस्ट। लोगों ने अपने जीवनभर की कमाई यहां पर लगा दी, ताकि उन्हें अपने सपनों का घर मिल सके। लेकिन कुछ ही समय में उन्हें एहसास भी होने लगा कि बिल्डरों ने उन्हें धोखा दिया है। सरकार भी बिल्डरों के खिलाफ कुछ कर नहीं पा रही है। इस बीच यहां पर समस्याएं इतनी ज्यादा हो गईं कि लोगों ने नोएडा एक्सटेंशन को नोएडा एक टेंशन कहना शुरू कर दिया। यहां की परेशानियां खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। ताजा समस्या यहां की कुछ सोसाइटी में दूषित जल की सप्लाई से जुड़ी है, जिससे दर्जनों लोग बीमार हैं और कई को अस्पतालों में भर्ती होना पड़ा है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की तीन सोसाइटी में सैकड़ों लोग बीमार
जी हां, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक बार फिर दूषित पानी की वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं। निवासियों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की समस्याएं हो रही हैं। इसकी वजह से कई लोगों को अस्पतालों में भर्ती होना पड़ रहा है और लोग पानी पीने को लेकर दशहत में हैं। इसके चलते लोग बाजार से सील बंद पानी की बोतलें खरीदकर पीने को मजबूर हैं।
इन सोसाइटी में बीमार पड़ रहे लोग
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में सुपरटेक ईको विलेज-1, पंचशील हाइनिश और अरिहंत आर्डेन मुख्य रूप से प्रभावित हैं। पिछले कई दिनों से इन सोसाइटी के लोग दूषित पानी के कारण इन समस्याओं को झेल रहे हैं। कल यानी सोमवार 3 फरवरी को भी 100 से अधिक लोग बीमार हो गए। प्राधिकरण की टीम ने इन सोसाइटियों से पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं।
टेस्ट में साफ - पीने योग्य नहीं पानी
इस संबंध में हमने सोसाइटी के लोगों से संपर्क साधा। ईको-विलेज 1 सोसाइटी में रहने वाली रंजना भारद्वाज ने बताया कि उनकी बेटी भी आज पेटदर्द की समस्या बता रही है। उन्होंने बताया कि सोसाइटी ने अपने स्तर पर जांच करवाई है, जिसमें साफ लिखा गया है कि सोसाइटी में सप्लाई हो रहा पानी पीने योग्य नहीं है। हालांकि, पानी में ई-कोलाई और टोटल कोलिफॉर्मेशन नहीं पाया गया है। उन्होंने बताया कि जिस दिन से लोगों ने पेट दर्द, उल्टी, दस्त की शिकायत की है तब से लगातार सोसाइटी के सभी अंडर ग्राउंड रिजर्वेयर (UGR) और ओवर हेड टैंक (OHT) की एक-एक करके सफाई करवाई जा रही है।
लैब रिपोर्ट में साफ लिखा है कि पानी पीने योग्य नहीं
कल आएगी मेडिकल टीम
रंजना भारद्वाज ने हमें बताया कि बिसरख कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) से कल यानी बुधवार 5 फरवरी को मेडिकल टीम सोसाइटी में मेडिकल कैंप लगाएगी। यह मेडिकल कैंप बुधवार को सुबह 10 बजे शुरू होगा, जिसमें लोगों को उचित इलाज और दवाएं दी जाएंगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि तीन सोसाइटी में लोग बीमार है, ऐसे में प्राधिकरण पर भी दबाव बनाया जा रहा है कि वह अपनी सप्लाई की जांच करें। हो सकता है पानी में कहीं से सीवर का पानी मिल रहा हो। बता दें कि क्षेत्र में अभी गंगा जल की सप्लाई नहीं हो रही है, बल्कि अथॉरिटी ग्राउंड वाटर की सप्लाई सभी सोसाइटी में करती है।
पिछले साल भी हुई थी ऐसी ही समस्या
आपको याद होगा कि इससे पहले सितंबर 2024 में ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ही ईको विलेज-2 सोसाइटी में भी ऐसी ही समस्या हुई थी। तब उस सोसाइटी में भी बच्चे, बड़े और बुजुर्गों को उल्टी, दस्त व पेट दर्द की समस्याएं हुईं थीं। उस समय सोसाइटी में यह समस्याएं महामारी की तरह फैली थीं, और देखते ही देखते बीमार लोगों की संख्या सैकड़ों में पहुंच गई थीं। दर्जनों लोगों को अस्पतालों में भर्ती होना पड़ा था और कई हफ्तों तक सोसाइटी के लोगों ने सीलबंद पानी की बोतलें मंगवाकर पानी पिया था।
