सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे बन रही 40 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड का निर्माण कार्य अब गति पकड़ेगा। यह सड़क 60 मीटर चौड़ी होगी और इसे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा। इससे पहले, भूमि अधिग्रहण को लेकर 13 गांवों के किसानों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। न्यायालय ने राज्य सरकार के भूमि अधिग्रहण के लिए तात्कालिक प्रावधानों को लागू करने के फैसले को सही ठहराया।
फाइल फोटो।
क्यों है यह परियोजना महत्वपूर्ण?
बता दें कि यह सर्विस रोड यमुना एक्सप्रेसवे पर यातायात के दबाव को कम करेगी। इसके साथ ही जेवर के लोगों को एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए एक नया और सुविधाजनक मार्ग मिलेगा। इतना ही नहीं, इस फैसले से ग्रेटर नोएडा में अन्य अधूरी सड़क परियोजनाओं को भी पूरा करने का रास्ता साफ हो गया है।
कहां फंसा था काम?
आपको बता दें कि दयानतपुर और सबौता गांव में भूमि अधिग्रहण में आ रही दिक्कतों के कारण यह परियोजना अधूरी पड़ी थी। किसानों और प्रशासन के बीच सहमति नहीं बन पा रही थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब प्रशासन इन गांवों से जमीन का अधिग्रहण कर सकेगा और सर्विस रोड को एयरपोर्ट से जोड़ने का काम पूरा कर सकेगा। साथ ही, ग्रेटर नोएडा में अन्य अधूरी सड़क परियोजनाओं को भी पूरा किया जा सकेगा।
