ग्रेटर नोएडा में फ्लैटों की रजिस्ट्री कराने की तैयारी, बकाया नहीं चुकाने वाले बिल्डरों से मिलकर बीच का रास्ता निकालेगा UPSIDA

ग्रेटर नोएडा की नौ हाउसिंग सासइटियों में 400 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया होने के कारण करीब 8,000 फ्लैटों की रजिस्ट्री अटकी पड़ी है। यूपीसीडा बिल्डरों और खरीदारों के साथ बैठक कर समाधान की कोशिश कर रहा है। कई परियोजनाओं में आंशिक डिलीवरी और सीसी के अभाव में खरीदार सालों से रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा की ग्रुप हाउसिंह सोसाइटियों में घर लेने वाले लोगों के लिए खुशखबरी ही है। क्योंकि उनके फ्लैटों की रजिस्ट्री की उम्मीद अब जगने लगी है। दरअसल नौ ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं लंबे समय से गंभीर संकट से जूझ रही हैं। यूपीसीडा के अधीन इन परियोजनाओं में करीब 400 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकाया है, जिसके कारण करीब 8,000 फ्लैटों की रजिस्ट्री अटकी हुई है। सालों से अपने फ्लैट की रजिस्ट्री का इंतजार कर रहे खरीदारों को अब प्रशासन से उम्मीद की किरण मिली है।

UPSIDA magic Brick

ग्रेटर नोएडा में रजिस्ट्री के लिए UPSIDA की पहल

यूपीसीडा अब बिल्डर मैनेजमेंट और घर खरीदारों से बातचीत कर इस समस्या का समाधान निकालने की तैयारी में जुट गया है। सूरजपुर साइट-सी के सेक्टरों में स्थित ई-होम्स, शिवालिक होम्स, न्यूटेक ला गैलेक्सिया, ओएसिस और पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट जैसी परियोजनाओं में बकाया राशि के चलते रजिस्ट्री की इजाजत नहीं दी जा रही।

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