Jewar Airport NOC: जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संबंधित पर्यावरण प्रबंधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर के दायरे में बिना आवश्यक एनओसी के कोई भी निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा। बैठक के दौरान यापल की सीओओ किरण जैन ने एक पावर प्रजेंटेशन के जरिए एयरपोर्ट क्षेत्र की पर्यावरणीय स्थिति और विमान संचालन से जुड़ी संभावित खतरों की जानकारी दी।
जेवर एयरपोर्ट (फाइल फोटो)
उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में पक्षियों और जानवरों की मौजूदगी विमान सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा कर सकती है। साथ ही उन्होंने बिना एनओसी वाले निर्माणों की पहचान कर उन पर कार्रवाई करने का सुझाव दिया। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि एयरपोर्ट के आसपास लेजर लाइट्स और ड्रोन गतिविधियों को बिना अनुमति के संचालित न किया जाए। क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बनाए रखने, मृत पशु, कूड़ा-कचरा न फेंकने के भी निर्देश दिए गए। अंत में, उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए।
जल निकासी की व्यवस्था
भास्कर के अनुसार, पथवाया ड्रेन सहित एयरपोर्ट क्षेत्र की सभी जल निकासी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, बिना एनओसी के बन रही इमारतों की पहचान और उन पर कार्रवाई के लिए एक सर्वेक्षण दल गठित करने की मंजूरी दी गई है। इस बैठक में अपर जिलाधिकारी, एसडीएम जेवर, जिला आपदा विशेषज्ञ समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
ड्रोन उड़ाने पर मनाही
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि हवाई अड्डे के आसपास के क्षेत्र में बिना एनओसी लेजर उत्सर्जक उपकरणों और ड्रोन उड़ाने पर सख्ती से रोक लगाई जाए। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में इस संबंध में जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि प्रतिबंधित क्षेत्र में इन उपकरणों का उपयोग रोका जा सके। बैठक में वन, सिंचाई, पशुपालन, प्राधिकरण सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट पेश की और आश्वासन दिया कि जिलाधिकारी द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन किया जाएगा।
