5 घंटे जिंदगी से जूझती रही रेप पीड़ित बच्ची, अस्पतालों ने नहीं दिया इलाज; सुप्रीम कोर्ट ने हॉस्पिटलों पर लिया सख्त एक्शन

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में दुष्कर्म पीड़ित बच्ची को इलाज न देने पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा एक्शन लिया है। कोर्ट ने पुलिस और हॉस्पिटल के असंवेदनशील रवैये की कड़ी आलोचना करते हुए अस्पतालों को पीड़ित परिवार को 12 लाख रुपये देने का फैसला सुनाया है।

गाजियाबाद : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को गाजियाबाद के दो अस्पतालों को चार वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता के परिवार को कुल 12 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया। बच्ची की मौत अस्पतालों द्वारा समय पर कथित तौर पर इलाज नहीं किए जाने के बाद चोटों के कारण हो गई थी। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि वह गंभीर अपराधों के पीड़ितों से निपटने के लिए अस्पतालों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए व्यापक दिशा-निर्देश तय करेगी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ नाबालिग बच्ची की मौत से संबंधित याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

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कोर्ट (सांकेतिक फोटो-Istock)

पीठ ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट का संज्ञान लिया, जिसमें कहा गया था कि खून से लथपथ बच्ची करीब पांच घंटे तक जीवित थी और संबंधित अस्पतालों ने उसे चिकित्सा सुविधा देने से इनकार कर दिया, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। उसे गाजियाबाद में एक सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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