Rapid Rail Project: भारत की पहली हाई-स्पीड ट्रेन का गाजियाबाद रूट पर टेस्ट रन पूरा, ट्रेन दौड़ने के होंगे ये भी फायदे

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 4, 2023, 09:56 PM IST

Rapid Rail Project: देश की पहली रैपिड रेल ने अपना ट्रायल शुरू कर दिया। पहले दिन यह ट्रेन 25 किमी की स्‍पीड से पटरी पर दौड़ी। इस रैपिड रेल ने गाजियाबाद से लेकर मेरठ तक कई बड़े बदलाव लाए हैं। इसका सबसे ज्‍यादा असर रियल एस्‍टेट पर पड़ा है। इस कॉरिडोर की वजह से इन क्षेत्रों की संपत्तियों के दाम में 35 से 40 फीसदी तक का उछाल आया है।

KEY HIGHLIGHTS
  • रैपिड रेल 25 किमी की रफ्तार पर पूरा किया पहला ट्रायल
  • 17 किमी के पहले खंड पर मार्च से शुरू हो जाएगी रैपिड रेल
  • रैपिड रेल की वजह से गाजियाबाद से मरेठ तक रियल एस्‍टेट में उछाल

Rapid Rail Project: देश की पहली रैपिड रेल पटरियों पर उतर चुकी है। इस ट्रेन ने मंगलवार को अपना ट्रायल शुरू कर दिया। पहले दिन यह ट्रेन 25 किमी की स्‍पीड से पटरी पर दौड़ी। रैपिड रेल का ट्रायल शुरू होने से पहले ही गाजियाबाद से लेकर मेरठ तक कई बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं। सबसे ज्‍यादा बदलाव रियल एस्‍टेट के क्षेत्र में आया है। पहले दिल्‍ली-मरेठ एक्‍सप्रेसवे और अब गाजियाबाद से मेरठ तक रैपिड रेल प्रोजेक्‍ट ने पिछले दो साल में मेरठ, मोदी नगर, मुरादनगर, दुहाई और गाजियाबाद के कई इलाकों में रियल एस्‍टेट में उछाल ला दिया है। जानकारों का कहना है कि, इन क्षेत्रों की संपत्तियों के दाम 35 से 40 फीसदी तक बढ़ गए हैं।

Rapid Rail Trial

ट्रायल रन करती रैपिड रेल

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) देश का पहला 82 किलोमीटर दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर बना रहा है। यह एक सेमी हाई स्पीड रेल आधारित ट्रांजिट नेटवर्क है। इस कॉरिडोर के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद इसमें दो डिपो स्टेशनों सहित 25 स्टेशन होंगे। यह आरआरटीएस कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर मेरठ के मोदीपुरम में समाप्त होगा। इस कॉरिडोर के पहले खंड साहिबाबाद से दुहाई के बीच इस साल मार्च से यात्रा शुरू हो जाएगी। जबकि पूरा कॉरिडोर 2025 तक चालू होगा। जिसके बाद दिल्ली से मेरठ तक मात्र 55 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।

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