Ghaziabad News: गाजियाबाद में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। दुहाई में मेरठ रोड पर एचआरआईटी कॉलेज के सामने सड़क किनारे मिले नवजात की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई है। कविनगर एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि यह नवजात बीते 30 दिसंबर को सड़क किनारे कंबल में लिपटा हुआ लावारिस हालत में मिला था। उस समय नवजात के शरीर पर कपड़े भी नहीं थे। जब उसे बरामद किया गया तो वह सर्दी लगने के कारण अचेत अवस्था में पहुंच गया था। जिसके बाद से उसे बचाने के लिए दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में जद्दोजहद चल रही थी, लेकिन सोमवार शाम यह मासूम जिंदगी की जंग हार गया।।
सड़क किनारे मिले नवजात की मौत (प्रतीकात्मक तस्वीर)
एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि अभी तक बच्चे की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस बच्चे की फोटो फेसबुक, वाट्सएप और ट्विटर पर शेयर कर लोगों से पहचानने की अपील कर रही है। इसके अलावा आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस की दो टीमें पूरे मामले की जांच कर रही है। जहां पर नवजात बरामद हुआ, उस क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाला जा रहा है। साथ ही जिले के सभी महिला और बच्चों से संबंधित अस्पतालों से भी हाल ही जन्मे बच्चों की रिपोर्ट मांगी गई है।
लोकलाज का भेंट चढ़ा नवजात
बता दें कि नवजात बच्चा मिलने के बाद से पुलिस मामला दर्ज कर कई लोगों को पूछताछ के लिए राउंडअप भी कर चुकी है, लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस के अनुसार बच्चे की मौत के बाद अब इस मुकदमे में हत्या की धाराएं भी जोड़ी जाएंगी। पुलिस अधिकारियों का अनुमान है कि बच्चे को शायद घर पर जन्म दिया गया और फिर लोकलाज के डर से उसे मरने के लिए सड़क किनारे फेंक दिया गया। इस बच्चे को एक राहगीर ने देखा और इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने बच्चे को पहले गाजियाबाद के महिला अस्पताल की नर्सरी में भर्ती कराया। अगले दिन यहां से उसे जीटीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहां पर डॉक्टरों की टीम सात दिन तक बच्चे को बचाने की कोशिश करती रही, लेकिन निमोनिया का शिकार होने के कारण सोमवार को उसकी मौत हो गई।
