मेरठ: चार लाख के मुआवजे ने खोला कत्ल का राज, पत्नी ने प्रेमी संग रची थी स्नेक मर्डर की साजिश

उत्तर प्रदेश सरकार की मुआवजा योजना के तहत अगर किसी व्यक्ति की मौत सांप काटने से होती है, तो परिजनों को चार लाख रुपए की सहायता राशि मिलती है। मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के एक गांव में जब अमित नामक युवक की मौत हुई, तो उसका परिवार पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहता था। लेकिन गांव के प्रधान दीपक ने उन्हें समझाया कि मुआवजे के लिए पोस्टमार्टम जरूरी है और यही सलाह आगे चलकर एक खौफनाक साजिश का पर्दाफाश करने वाली साबित हुई।

मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादत गांव में अमित नामक युवक की मौत सांप काटने से हुई थी। लेक‍िन पुल‍िस को मिली जानकारी के अनुसार अमित की मौत सांप के डसने से नहीं, बल्कि गला घोंटने से हुई थी। पुलिस ने जब मामले की परतें खोलनी शुरू कीं, तो सामने आया एक दिल दहला देने वाला सच अमित की पत्नी रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर पति की हत्या की थी। कत्ल को प्राकृतिक मौत का रूप देने के लिए रची गई थी सांप से मौत की साजिश। इस साजिश में शामिल था एक सपेरा कृष्णन, जिसने महज 1000 रुपए में एक सांप रविता और अमरदीप को दिया। दावा है कि ये सांप उसने बस्ती के ही एक और सपेरे प्रीतम नाथ के घर से चुपचाप चुराया था।

चार लाख के मुआवजे ने खोला स्नेक मर्डर की साजिश का राज

चार लाख के मुआवजे ने खोला स्नेक मर्डर की साजिश का राज

सांप बना कत्ल का गवाह

टाइम्स नाउ नवभारत की टीम जब प्रीतम नाथ के घर पहुंची, तो परिजनों ने बताया कि ये सांप एक रेड स्नेक यानी घोड़ापछाड़ था जो न तो जहरीला होता है और न ही इंसानों को नुकसान पहुंचाता है। उनका दावा था कि ये सांप इतना शांत होता है कि घंटों एक ही जगह बैठा रह सकता है और हमला करना तो दूर, इंसानों से डरता है। उन्होंने यहां तक कहा कि वे खुद उसे कटवाने को तैयार हैं ताकि साबित हो सके कि इस सांप से किसी की मौत मुमकिन ही नहीं है।

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