फिर विवादों में जामिया: दीवारों पर लिखे गए ‘कश्मीर और शरजील इमाम की आजादी’ के नारे, RSS के खिलाफ भी नारेबाजी

जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय की दीवारों पर ‘कश्मीर और शरजील इमाम की आजादी’ की मांग वाले नारे लिखे जाने का मामला सामने आया है। दीवारों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ भी नारे लिखे गए हैं। हालांकि इन्हें लगाने वालों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं है। घटना के सामने आने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में लिखे गए नारों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

जामिया मिलिया इस्लामिया विश्विद्यालय एक बार फिर से विवादों में घिरता हुआ दिख रहा है। कैंपस के अंदर दीवारों पर फ्री कश्मीर, फ्री फिलिस्तीन, फ्री शरजील इमाम इमाम जैसे विवादित नारे लिखे गए हैं। वही RSS, एबीवीपी और वाइस चांसलर के खिलाफ भी स्लोगन लिखे हैं। हालांकि इन विवादित स्लोगन को लेकर अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन के तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन एहतियात के तौर पर यूनिवर्सिटी के मेन गेट पर भारी तादाद में पुलिस बल और अर्ध सैनिक बलों की संख्या बढ़ा दी गई है। हालांकि इन विवादित नारों को किसने लिखा है और उसके लिखने के पीछे के क्या उद्देश्य है यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।

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जामिया की दीवारों पर लिखे गए ‘कश्मीर और शरजील इमाम की आजादी’ के नारे

ये घटनाक्रम तब सामने आया है, जब जामिया में छात्रसंघ की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। दो दिन पहले,जामिया मिलिया इस्लामिया छात्र संघ (जेएमआईएसयू) के संविधान का मसौदा तैयार करने और विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ की गई या शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई की समीक्षा करने के लिए एक समिति गठित की गई थी। इसके बाद गुरुवार को विश्वविद्यालय के गालिब लॉन में एक आम सभा का आयोजन कर 2006 में भंग किए गए छात्र संघ को बहाल करने की मांग की गई।

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