Neem Karoli Baba: दुनियाभर में कैंची धाम के विख्यात संत बाबा नीम करौली महाराज के फिरोजाबाद स्थित जन्मस्थान (Neem Karoli Baba Birthplace Dispute) को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। बाबा के मूल गांव अकबरपुर में स्थित उनकी पैतृक संपत्ति, पुराने मकान, मंदिर और ऐतिहासिक 'डाक बंगलिया' वाली जमीन को लेकर उनके परिजनों और एक स्थानीय ट्रस्ट के बीच खींचतान शुरू हो चुकी है। मामला तब गरमा गया जब बाबा की छह पोतियों ने फिरोजाबाद के जिलाधिकारी (DM) से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई और ट्रस्ट पर पैतृक जायदाद पर अवैध कब्जा जमाने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया।
फिरोजाबाद में गहराया नीम करौली बाबा की संपत्ति का विवाद
मूल नाम लक्ष्मीनारायण शर्मा वाले संत नीम करौली बाबा का जन्म फिरोजाबाद के टूंडला क्षेत्र स्थित अकबरपुर गांव में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1958 में गृहस्थ जीवन त्यागने के बाद 1961 में नैनीताल के पास प्रसिद्ध कैंची धाम आश्रम की स्थापना की थी। दुनिया भर में करोड़ों श्रद्धालुओं के आस्था केंद्र नीम करौली बाबा की सादगी की मिसाल दी जाती है, लेकिन अब उनके अपने जन्म स्थान की जमीन को लेकर कानूनी लड़ाई छिड़ गई है।
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नीम करौली वाले बाबा की पोतियों का दावा
बाबा की पोतियों का कहना है कि अकबरपुर में स्थित मकान और जमीन उनकी पारिवारिक पैतृक संपत्ति है, जिसे कभी किसी ट्रस्ट को दान नहीं दिया गया था। उनका आरोप है कि स्थानीय ट्रस्ट बिना परिवार की सहमति के इस संपत्ति पर अपना एकाधिकार जता रहा है। वहीं दूसरी ओर, ट्रस्ट के पदाधिकारियों का दावा है कि ये तमाम संपत्तियां नियमानुसार ट्रस्ट को पहले ही हस्तांतरित की जा चुकी थीं और वही सालों से इसका रखरखाव कर रहे हैं।
जिलाधिकारी इस पूरे मामले पर क्या बोले?
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने राजस्व और प्रशासनिक टीम को मौके पर जाकर खतौनी व जमीनी कागजातों की निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने स्पष्ट किया कि फिरोजाबाद में बाबा नीम करौली की जन्मस्थली को सरकार एक बड़े पर्यटन कॉरिडोर के रूप में विकसित कर रही है। श्रद्धालुओं की आस्था और सहूलियत सर्वोपरि है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी पक्षों के आरोपों-प्रत्यारोपों और दस्तावेजों की जांच के बाद निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
