भोपाल : मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण को लेकर फिर से चर्चा हो रही है। OBC रिजर्वेशन को 14% से बढ़ाकर 27% करने के विवाद पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पिछले दिनों अहम आदेश जारी किया था। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा था कि 2 अप्रैल को सभी पक्ष अपने केस की जानकारी पेश करें। सभी पक्षों की जानकारी आने के बाद 16 अप्रैल को फाइनल सुनवाई तय की गई है।
सांकेतिक फोटो-(Istock)
अब एक बार फिर सुनवाई का केंद्र मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बन गया है। सुप्रीम कोर्ट के 21 फरवरी 2026 के आदेश के बाद आरक्षण से जुड़ी सभी लंबित याचिकाएं वापस हाईकोर्ट को प्रेसित कर दी हैं, जिन पर सुनवाई हुई है। करीब 17 माह बाद हाईकोर्ट में इस महत्वपूर्ण मामले पर दोबारा बहस शुरू हुई है। इससे पहले सितंबर 2024 में ओबीसी आरक्षण से संबंधित कुल 10 याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर कर दी गई थीं।
सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को दिये निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को 3 महीने के भीतर इस मामले को अंतिम रूप से निपटाने का निर्देश दिया है। जिस पर हाईकोर्ट नियमित अंतराल पर सुनवाई करते हुए अंतिम निर्णय की ओर पहुंचना चाहता है। इससे पूर्व में इस आरक्षण को लेकर हाई कोर्ट ने स्थगन (Stay) लगाया था, जिसे अब निपटाने की तैयारी है।
कहा जा रहा है कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर मुख्य पीठ ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए यह तारीखें तय की हैं। कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि अब इस मामले में आगे कोई और तारीख नहीं दी जाएगी। कोर्ट ने सभी पक्षों (याचिकाकर्ताओं और सरकार) को आदेश दिया था कि वे अपने सभी आवश्यक दस्तावेज और केस से जुड़ी जानकारी 15 अप्रैल 2026 तक पेश कर दें।
आपको बता दें कि यह मामला पिछले 7 वर्षों से कानूनी दांव पेंच में फंसा हुआ है, जिसकी वजह से कई सरकारी भर्तियां और नियुक्तियां रुकी हुई हैं। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को वापस हाईकोर्ट को भेज दिया था ताकि वहां इसकी अंतिम सुनवाई हो सके और भर्ती प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा सकें।
